अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर USS निमित्ज़ सोमवार सुबह दक्षिण चीन सागर से पश्चिम की ओर रवाना हुआ है। इसकी यह मूवमेंट ऐसे समय में हुई है जब वियतनाम के डानांग शहर में होने वाली इसकी निर्धारित पोर्ट कॉल को अचानक रद्द कर दिया गया। अमेरिकी दूतावास ने इसे "इमरजेंसी ऑपरेशनल रिक्वारमेंट" यानी ऑपरेशन की सख्त जरूरत के रूप में बताया है।
यह कदम इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच उठाया गया है। अमेरिका ने इजरायल को मिसाइल हमलों से बचाने के लिए अपनी सैन्य सहायता बढ़ा दी है। अमेरिकी नौसेना ने थाड और पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स की तैनाती की है और युद्धपोतों को भी क्षेत्र में भेजा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी बलों पर हमला हुआ तो अमेरिका अपनी पूरी सैन्य शक्ति का उपयोग करेगा।
USS निमित्ज़ की तैनाती से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय तनावों को कम करने के बजाय और बढ़ा सकता है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस तैनाती को नियमित सैन्य गतिविधि बताया है, लेकिन यह समय और परिस्थितियाँ इसे विशेष बना देती हैं।
अमेरिका की यह रणनीति इजरायल-ईरान संघर्ष में उसकी बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। अब यह देखना होगा कि यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान करता है या और अधिक तनाव उत्पन्न करता है।
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