Up Kiran,Digital Desk: भारतीय फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में एक ऐसी दुखद घटना घटी है, जिसने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सिनेमा प्रेमियों को शोक की लहर में डुबो दिया है। तेलुगु सिनेमा की मशहूर अदाकारा जया वाहिनी अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन की खबर बुधवार शाम सामने आई, जब उन्होंने विजयनगरम में अपने पैतृक घर में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से ब्रेस्ट कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझ रही थीं, लेकिन अंतत: यह बीमारी उनके शरीर पर हावी हो गई और वह हमसे विदा हो गईं।
करीबी दोस्त का दुखद बयान
जया वाहिनी के निधन पर उनकी करीबी दोस्त और अभिनेत्री कराटे कल्याणी ने सोशल मीडिया के जरिए शोक व्यक्त किया। एक भावुक पोस्ट में कल्याणी ने लिखा कि उन्होंने अपनी मित्र की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन इस जंग को वह नहीं जीत सकीं। जया और कराटे कल्याणी का रिश्ता सिर्फ दोस्ती का नहीं, बल्कि बचपन का था। दोनों के घर विजयनगरम में पास-पास थे, और यह खबर पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़े सदमे से कम नहीं रही।
जया वाहिनी ने 1978 में अभिनय की दुनिया में कदम रखा। फिल्मों और टीवी दोनों ही माध्यमों में अपनी पहचान बनाने वाली जया ने छोटी पर्दे पर ज्यादा सफलता हासिल की। विशेष रूप से नकारात्मक भूमिकाओं में उनकी अभिनय क्षमता दर्शकों को बहुत पसंद आई। उनकी मजबूत आवाज, प्रभावशाली हाव-भाव और दमदार अभिनय ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। 'बहिरभूमि' और 'रघुपति वेंकैया नायडू' जैसी फिल्मों में उनकी भूमिका को लंबे समय तक याद किया जाएगा। इसके साथ ही वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती थीं और अपने फैंस के साथ जुड़े रहती थीं।
कैंसर और वित्तीय संकट: एक कठिन यात्रा
जया वाहिनी के कैंसर से जूझने के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके इलाज के लिए कराटे कल्याणी ने मदद की अपील की थी, और कई कलाकारों और उनके प्रशंसकों ने आर्थिक सहायता दी। हालांकि, बीमारी का प्रकोप बढ़ता गया, और डॉक्टर्स ने उन्हें घर में आराम करने की सलाह दी। उनके आखिरी दिनों में वह अपने जन्म स्थान विजयनगरम में थीं, जहां पर उन्होंने अपनी अंतिम यात्रा की शुरुआत की।
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