Up kiran,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'महिला आरक्षण बिल' को लेकर छिड़ी जंग अब झंडा जलाने और पुलिस केस तक पहुंच गई है। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस का झंडा जलाए जाने के बाद सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है। जहां एक तरफ सपाइयों ने थाने में तहरीर देकर मोर्चा खोल दिया है, वहीं अखिलेश यादव ने बेहद सधे हुए अंदाज में अपर्णा के इस कदम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अखिलेश यादव का पलटवार: "लाल रंग देवियों और हनुमान जी का प्रतीक"
जब मीडिया ने अखिलेश यादव से अपर्णा यादव के इस कदम पर सवाल पूछा, तो उन्होंने सीधे तौर पर नाम लेने से बचते हुए 'लाल रंग' की महत्ता बताई। अखिलेश ने कहा:
भावनाओं का सम्मान: "किसी के भी इमोशन को हर्ट नहीं करना चाहिए। रंग किसी न किसी धर्म से जुड़ा होता है।"
लाल रंग की महिमा: "समाजवादियों के झंडे का रंग लाल है, जो क्रांति का प्रतीक है। यह हमारी देवियों के पहनावे और चुनरी का रंग है। यह हनुमान जी का रंग है और नए जोड़ों की चूड़ियों का भी रंग है।"
धैर्य भरा जवाब: उन्होंने साफ किया कि वह इस विवाद पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन झंडा जलाकर भावनाओं को ठेस पहुंचाना गलत है।
हजरतगंज थाने में तहरीर: "सड़क पर उतरेंगे कार्यकर्ता"
सपा के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप कुमार एक प्रतिनिधिमंडल के साथ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और अपर्णा यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
आरोप: तहरीर में कहा गया है कि शनिवार रात अपर्णा ने विधानभवन के सामने नारेबाजी की और सपा-कांग्रेस का झंडा जलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
कार्यकर्ताओं में गुस्सा: प्रदीप कुमार ने चेतावनी दी कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
पुलिस की कार्रवाई: एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
अपर्णा यादव का तर्क: "नारी शक्ति माफ नहीं करेगी"
झंडा जलाने के बाद अपर्णा यादव ने अपने सोशल मीडिया और बयानों में हमलावर रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को संसद में गिरने देने के लिए ये दल जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने महिलाओं के हक में अड़ंगा लगाया है और "नारी शक्ति इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।"
मेरठ से लेकर लखनऊ तक विरोध
अपर्णा के इस कदम का असर केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहा। मेरठ में सपा नेत्री नेहा गौड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपर्णा यादव का पुतला फूंका और प्रदर्शन किया। कई जिलों में सपाई इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं और इसे पार्टी की अस्मिता पर हमला मान रहे हैं।
क्या है विवाद की जड़?
हाल ही में संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके लिए बीजेपी विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है। इसी के विरोध में बीजेपी और उनके सहयोगी दलों के नेता आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। 30 अप्रैल को होने वाले यूपी विधानमंडल के विशेष सत्र में भी इस मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा होने के आसार हैं।




