Up kiran,Digital Desk : बिहार की राजनीति में महिलाओं के सम्मान और अस्मिता को लेकर चल रहा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव द्वारा महिला राजनेताओं के संघर्ष को लेकर दिए गए एक कथित विवादित बयान पर भाजपा की फायरब्रैंड विधायक मैथिली ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जताई है। गया में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक काफी भावुक नजर आईं और उन्होंने स्पष्ट कहा कि पप्पू यादव ने अपनी टिप्पणी से करोड़ों महिलाओं के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है।
"राजनीति में महिलाओं के संघर्ष का अपमान"
गया सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए अलीनगर विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि पप्पू यादव का बयान न केवल अमर्यादित है, बल्कि घिनौना भी है। उन्होंने कहा:
संघर्ष को बिस्तर से जोड़ना गलत: राजनीति में महिलाएं अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर आगे बढ़ रही हैं। उनके संघर्ष को 'बिस्तर' जैसे अभद्र शब्दों से तौलना पूरी नारी जाति का अपमान है।
कभी नहीं करेंगी माफ: विधायक ने दो टूक कहा कि वह इस कृत्य के लिए सांसद को कभी माफ नहीं कर पाएंगी। उनके अनुसार, यह बयान केवल एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों पर चोट है।
"पप्पू यादव के अपने घर में भी महिला नेत्री हैं"
मैथिली ठाकुर ने पप्पू यादव को उनके परिवार की याद दिलाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि:
"पप्पू यादव जी की अपनी पत्नी, रंजीत रंजन जी, खुद सांसद रही हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। क्या वे अपनी पार्टी और परिवार की महिलाओं के बारे में भी यही राय रखते हैं? जब उनके अपने घर में महिला नेत्री हैं, तो वे दूसरों की बेटियों और बहनों के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?"
भावुक हुईं विधायक: पिता के भरोसे का किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर अपने संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने बहुत भरोसे के साथ उन्हें राजनीति में भेजा था। आज की महिलाएं पंचायत से लेकर संसद तक अपनी मेहनत से पहुंच रही हैं, लेकिन ऐसे बयान उनकी सफलता पर पानी फेरने की कोशिश करते हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे नेताओं को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मैथिली ठाकुर ने विवाद के साथ-साथ विकास के मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा:
नारी शक्ति का सम्मान: एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को जो स्थान मिला है, उसे दुनिया देख रही है।
धरातल पर कार्य: आज का युवा खोखले नारों के बजाय धरातल पर हो रहे कार्यों को देख रहा है।
इस विवाद ने बिहार की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां सत्ता पक्ष अब इसे महिलाओं के सम्मान के साथ जोड़कर पप्पू यादव और विपक्ष की घेराबंदी कर रहा है।




