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Up Kiran, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट के सबसे चतुर और दिग्गज गेंदबाजों में से एक, रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में यह कहकर सनसनी मचा दी है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का अगला सीजन शायद उनका आखिरी सीजन हो सकता है। 'कैफे विद ऐश' नाम के अपने शो पर उन्होंने इस बात के संकेत दिए। अगर ऐसा होता है, तो यह वाकई एक युग का अंत होगा।

अश्विन सिर्फ एक गेंदबाज नहीं, बल्कि क्रिकेट के 'प्रोफेसर' हैं, जिन्होंने अपनी ক্যারम बॉल, फ्लाइट और तेज दिमाग से IPL में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को धूल चटाई है।

उनके संन्यास की खबरों के बीच, आइए नजर डालते हैं उनके 5 ऐसे अनोखे रिकॉर्ड्स पर, जो IPL के इतिहास में उनकी एक अलग ही विरासत बयां करते हैं और जिन्हें भविष्य में किसी भी गेंदबाज के लिए तोड़ पाना बेहद मुश्किल होगा।

दो अलग-अलग टीमों के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज'

IPL में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना एक बात है, लेकिन दो अलग-अलग टीमों के लिए खेलते हुए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब जीतना बिल्कुल अलग स्तर की काबिलियत दिखाता है। अश्विन ने यह कारनामा दो बार किया:

2010 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए: इस सीजन में उन्होंने 13 विकेट लेकर CSK को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।

2012 में भी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए: इस बार उन्होंने अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाया।

गलती सुधार: असल में, उन्होंने दोनों बार यह खिताब चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ही जीता था। हालांकि, एक ही खिलाड़ी का दो बार 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बनना ही अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। यह दिखाता है कि वह किसी एक सीजन के हीरो नहीं, बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले मैच विनर हैं।

सबसे ज्यादा बार बल्लेबाजों को बोल्ड करना (Most Bowled Dismissals)

T20 क्रिकेट को बल्लेबाजों का खेल कहा जाता है, जहां वे हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी बल्लेबाज के डिफेंस को भेदकर उसे सीधे बोल्ड करना एक गेंदबाज की सबसे बड़ी जीत मानी जाती है। अश्विन इस कला के उस्ताद हैं। वह IPL इतिहास में सबसे ज्यादा (43 बार) बल्लेबाजों को बोल्ड करने वाले गेंदबाज हैं। यह रिकॉर्ड उनकी सटीकता और गेंद पर उनके अद्भुत नियंत्रण को दिखाता है।

बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ 100+ विकेट

क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि एक ऑफ स्पिनर के लिए बाएं हाथ के बल्लेबाज को आउट करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि गेंद उनके लिए अंदर की तरफ आती है। लेकिन अश्विन के लिए यह बात कभी लागू नहीं हुई। उन्होंने इस चुनौती को एक अवसर में बदला। वह IPL में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ 100 से ज्यादा विकेट लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं। यह रिकॉर्ड उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक 'लेफ्टी-किलर' स्पिनरों में से एक बनाता है।

 दो बार 4 ओवर में 10 से कम रन देना

IPL जैसे फॉर्मेट में, जहां बल्लेबाज हर ओवर में 10-15 रन बनाना चाहते हैं, वहां अपने 4 ओवर के कोटे में 10 से भी कम रन देना किसी चमत्कार से कम नहीं है। अश्विन ने यह अविश्वसनीय कारनामा एक नहीं, बल्कि दो बार किया है। यह उनकी किफायती गेंदबाजी और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता का सबसे बड़ा सबूत है।

सबसे ज्यादा 'प्लेयर ऑफ द मैच' अवॉर्ड (भारतीय स्पिनर)

अश्विन सिर्फ विकेट लेने के लिए नहीं, बल्कि मैच जिताने के लिए जाने जाते हैं। वह IPL में सबसे ज्यादा (9 बार) 'प्लेयर ऑफ द मैच' का अवॉर्ड जीतने वाले भारतीय स्पिनर हैं। यह रिकॉर्ड बताता है कि उन्होंने अनगिनत मौकों पर अकेले अपने दम पर मैच का रुख पलटा है, चाहे वह चेन्नई सुपर किंग्स हो, पंजाब किंग्स या फिर राजस्थान रॉयल्स।

अगर R. Ashwin अगले साल IPL को अलविदा कहते हैं, तो यह सिर्फ एक खिलाड़ी का संन्यास नहीं होगा, बल्कि क्रिकेट के एक शानदार अध्याय का अंत होगा। उनके ये रिकॉर्ड्स आने वाले कई सालों तक युवा क्रिकेटरों को प्रेरित करते रहेंगे।

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