UP Kiran,Digital Desk: आजकल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ एक तकनीकी मददगार से कहीं ज्यादा बन चुकी है। यह इंसानों के कामकाजी जीवन को न केवल बदल रही है, बल्कि कई मामलों में उनकी नौकरी के अस्तित्व पर भी सवाल उठा रही है। प्रसिद्ध AI विशेषज्ञ और सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले डॉ. रोमन याम्पोलस्की ने इस संबंध में कुछ गंभीर चेतावनियाँ दी हैं, जो आने वाले समय में कई लोगों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं।
2027 तक आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) का आना संभव
डॉ. याम्पोलस्की, जो लुइसविल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और 100 से अधिक शोध पत्रों के लेखक हैं, का मानना है कि 2027 तक आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) का आगमन हो सकता है। AGI एक ऐसी तकनीक होगी जो इंसान के समान सोचने, समझने और निर्णय लेने में सक्षम होगी। यह तकनीक उन कामों को भी कर सकेगी, जिन्हें अभी तक केवल इंसानी दिमाग ही पूरा कर सकता था।
सुपरइंटेलिजेंस की दिशा में बढ़ती दुनिया
AGI के बाद, डॉ. याम्पोलस्की के अनुसार, सुपरइंटेलिजेंस का दौर शुरू हो सकता है। यह तकनीक इंसानी मस्तिष्क से कहीं अधिक तेज और प्रभावी होगी। उनका कहना है कि AGI के बाद इंसानी नौकरियों में कमी आ सकती है, और केवल कुछ ही काम ऐसे होंगे, जो बच सकते हैं।
क्या कोई नौकरी सुरक्षित रह सकती है?
डॉ. याम्पोलस्की ने यह साफ किया कि अब तक की तकनीकें इंसानों की क्षमता बढ़ाने के लिए थीं, लेकिन AI खुद से काम करने में सक्षम हो गया है। उनके अनुसार, कोई भी नौकरी ऐसी नहीं है, जिसे पूरी तरह से ऑटोमेट नहीं किया जा सके। पहले डिजिटल सिस्टम और कंप्यूटर आधारित नौकरियाँ प्रभावित होंगी, फिर शारीरिक श्रम वाले कार्यों को भी रोबोट्स और AI संभाल लेंगे।
कौन सी नौकरियाँ सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि अब के AI मॉडल्स से बहुत सारी नौकरियाँ खतरे में हैं। ऑफिस वर्क, डेटा एनालिसिस, अकाउंटिंग, कस्टमर सपोर्ट, मीडिया, कंटेंट क्रिएशन और यहां तक कि पॉडकास्टिंग जैसे क्रिएटिव क्षेत्र भी AI के प्रभाव से बच नहीं पाएंगे। डॉ. याम्पोलस्की का अनुमान है कि 2030 तक निर्माण, फैक्ट्री और लॉजिस्टिक्स जैसी शारीरिक श्रम वाली नौकरियाँ भी रोबोट्स द्वारा की जाने लगेंगी।
बेरोजगारी का संभावित संकट
डॉ. याम्पोलस्की ने एक बेहद गंभीर चेतावनी दी है कि यदि AI के कारण 99% लोग बेरोजगार हो जाते हैं, तो यह मानवता के लिए सबसे बड़ा संकट साबित होगा। उनका कहना है कि वर्तमान में AI मॉडल्स के चलते लगभग 60% नौकरियों पर संकट आ सकता है, और कुछ नौकरियाँ तो ऐसी हैं जो आटोमेशन के आने से पहले ही समाप्त हो सकती हैं।
क्या स्किल अपग्रेड और रिट्रेनिंग से समाधान मिलेगा?
यह बात और भी चौंकाने वाली है कि डॉ. याम्पोलस्की ने स्किल अपग्रेड और रिट्रेनिंग को भी समाधान नहीं माना। उनके मुताबिक, AI हर क्षेत्र में इंसान से बेहतर होगा, तो नई स्किल्स भी शायद अप्रचलित हो सकती हैं। उनके अनुसार, अब "कोई प्लान बी" नहीं बचा है, क्योंकि AI का विकास बहुत तेजी से हो रहा है और इससे बचने के उपाय सीमित हो सकते हैं।

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