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Up kiran,Digital Desk : बिहार की सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने के लिए अब तक का सबसे बड़ा संकल्प लिया है। पटना के बिहटा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय के टेक्नोलॉजी सेंटर के उद्घाटन के दौरान सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि अब बिहार सिर्फ मजदूरों की आपूर्ति करने वाला राज्य नहीं, बल्कि निवेश का बड़ा हब बनेगा। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि सरकार के एक साल पूरे होने तक बिहार की धरती पर 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश उतारा जाएगा।

बिहटा में टेक्नोलॉजी सेंटर का आगाज, मांझी और सम्राट ने दिखाई विकास की राह

मंगलवार को बिहटा में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब बदल रहा है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि प्रदेश में करीब 1 करोड़ 86 लाख लोग MSME सेक्टर से जुड़े हैं और यहां लगभग एक लाख करोड़ का बाजार विकसित हो चुका है। सीएम ने जोर देकर कहा कि 14 करोड़ बिहारियों की ताकत अब देश की अर्थव्यवस्था में जीएसटी (GST) योगदान के रूप में दिख रही है, जो बिहार की बढ़ती क्रय शक्ति का प्रमाण है।

एक साल का 'मेगा टारगेट': 5 लाख करोड़ का निवेश

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि आगामी 20 नवंबर को जब वर्तमान सरकार का एक साल पूरा होगा, तब तक हमारा प्रयास 5 लाख करोड़ के निवेश को जमीन पर उतारने का है। उन्होंने कहा कि पहले लोग बिहार को सिर्फ गरीबी और जनसंख्या के चश्मे से देखते थे, लेकिन अब उद्योग और तकनीक के जरिए हर हाथ को काम देने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सड़क-बिजली के बुनियादी ढांचे और पीएम मोदी की ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती को इस विकास का आधार बताया।

शिक्षा और समाधान: सीएम ने गिनाए सरकार के 3 ऐतिहासिक फैसले

निवेश के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने आम जनता और छात्रों से जुड़े तीन बड़े नीतिगत फैसलों का भी ऐलान किया, जो बिहार के सामाजिक ढांचे को मजबूती देंगे:

हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जुलाई महीने से बिहार के उन सभी प्रखंडों (ब्लॉक) में डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जहां अभी तक उच्च शिक्षा की सुविधा नहीं थी। अब छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे अनुमंडल नहीं जाना होगा।

533 मॉडल स्कूलों की सौगात: बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकार बिहार के सभी 533 ब्लॉकों में एक-एक 'मॉडल स्कूल' खोलने जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों के बच्चों को शहर जैसे आधुनिक स्कूलों में पढ़ने का मौका मिलेगा।

ऑन-स्पॉट समाधान कैंप: जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए हर महीने दो विशेष 'सहयोग कैंप' लगाए जाएंगे। इन कैंपों में ब्लॉक, अंचल और थाने से जुड़ी समस्याओं का निपटारा अधिकारी मौके पर ही करेंगे, जिससे भ्रष्टाचार और देरी पर लगाम लगेगी।