Up kiran,Digital Desk : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज से पहले डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खेमे से एक बेहद चौंकाने वाली और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज यश दयाल आगामी सीजन से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। आरसीबी के हेड ऑफ क्रिकेट मो बोबाट ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि बाएं हाथ का यह गेंदबाज आईपीएल के 19वें सीजन में टीम का हिस्सा नहीं होगा। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि मैदान से दूर रहने के बावजूद उन्हें फ्रेंचाइजी की ओर से पूरी फीस मिलती रहेगी।
गंभीर आपराधिक मामलों और यौन उत्पीड़न के आरोपों ने घेरा
यश दयाल की आईपीएल से छुट्टी किसी चोट की वजह से नहीं, बल्कि उन पर लगे गंभीर आपराधिक आरोपों के चलते हुई है। आरसीबी के ट्रेनिंग सेशन से उनकी लगातार अनुपस्थिति के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे, जिस पर अब प्रबंधन ने मुहर लगा दी है। मो बोबाट के अनुसार, यश फिलहाल एक अत्यंत जटिल 'निजी परिस्थिति' से गुजर रहे हैं। दरअसल, दयाल इस समय यौन शोषण के दो अलग-अलग और संगीन मामलों का सामना कर रहे हैं, जिसने उनके क्रिकेट करियर पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।
गाजियाबाद से जयपुर तक शिकायतों का अंबार
यश दयाल पर लगे आरोपों की फेहरिस्त काफी लंबी और गंभीर है। गाजियाबाद की एक महिला ने उन पर आरोप लगाया है कि दयाल ने शादी का झांसा देकर पिछले 5 वर्षों तक उसका भावनात्मक और शारीरिक शोषण किया। इसके अलावा, जयपुर में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का भी उन पर संगीन आरोप है। शिकायत के अनुसार, 2023 में क्रिकेट में मदद करने के बहाने उन्होंने एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ दुराचार किया, जिसके बाद जयपुर के सांगानेर सदर थाने में FIR दर्ज की गई है। इन कानूनी पचड़ों ने आरसीबी की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।
5 करोड़ में हुए थे रिटेन, कॉन्ट्रैक्ट पर बने रहेंगे बरकरार
यश दयाल को आरसीबी ने पिछले साल की नीलामी से पहले 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में रिटेन किया था। 2022 में गुजरात टाइटंस के साथ अपने आईपीएल सफर की शुरुआत करने वाले दयाल ने अपनी गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया था। प्रबंधन ने साफ किया है कि भले ही वह इस साल नहीं खेलेंगे, लेकिन वह तकनीकी रूप से फ्रेंचाइजी के साथ कॉन्ट्रैक्ट में बने रहेंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि नियमों के तहत उन्हें उनकी तय फीस मिलती रहेगी, लेकिन कानूनी कार्रवाई पूरी होने तक वह मैदान पर कदम नहीं रख पाएंगे।




