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Up kiran,Digital Desk : दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 विश्व कप के महत्वपूर्ण सुपर-8 मुकाबले से पहले भारतीय खेमे के लिए अच्छी खबर नहीं है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अभ्यास सत्र के दौरान टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज घायल हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिराज को यह चोट नेट्स पर हार्दिक पांड्या के एक तेज शॉट से लगी है।

यह मुकाबला भारत के लिए सेमीफाइनल की राह आसान करने के लिहाज से बेहद अहम है, लेकिन सिराज की चोट ने कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर की चिंता बढ़ा दी है।

कैसे लगी चोट?

शुक्रवार को टीम इंडिया अभ्यास सत्र में पसीना बहा रही थी। इसी दौरान हार्दिक पांड्या बल्लेबाजी कर रहे थे और सिराज उन्हें गेंदबाजी कर रहे थे। हार्दिक ने एक जोरदार सीधा शॉट (Straight Drive) खेला, जिसे सिराज रोक नहीं पाए और गेंद उनके बाएं पैर के घुटने पर जा लगी। गेंद लगते ही सिराज दर्द से कराहते दिखे और उन्हें लंगड़ाते हुए नेट्स से बाहर जाना पड़ा। मेडिकल टीम फिलहाल उनकी निगरानी कर रही है।

चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती लिस्ट

भारतीय टीम इस विश्व कप में पहले ही खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर जूझ रही है।

हर्षित राणा: चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं, उनकी जगह ही सिराज को टीम में शामिल किया गया था।

तबीयत खराब: पिछले मैच में जसप्रीत बुमराह और अभिषेक शर्मा भी खराब सेहत के चलते मैदान से दूर रहे थे।

सिराज का प्रदर्शन: सिराज ने हाल ही में अमेरिका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके थे। अगर वे फिट नहीं होते हैं, तो दक्षिण अफ्रीका जैसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ भारत का गेंदबाजी आक्रमण कमजोर पड़ सकता है।

अभिषेक शर्मा और गंभीर की मंत्रणा

अभ्यास सत्र के दौरान खराब फॉर्म से जूझ रहे युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर सबकी नजरें रहीं। उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर के साथ लंबी बातचीत की। गंभीर उन्हें तकनीकी गुर सिखाते और आत्मविश्वास बढ़ाते नजर आए। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भी संकेत दिए कि अभिषेक नेट्स पर गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहे हैं और टीम को उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद है।

सेमीफाइनल की जंग

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह मैच 2024 विश्व कप फाइनल की यादें ताजा करेगा। अहमदाबाद की पिच को देखते हुए तेज गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है। अब देखना यह होगा कि क्या सिराज मैच तक फिट हो पाते हैं या भारतीय टीम को प्लेइंग-11 में किसी और विकल्प की तलाश करनी होगी।