img

Up Kiran,Digital Desk: भारत और रूस के बीच श्रम सहयोग अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है। रूस ने आगामी वर्ष 2026 के लिए भारतीय श्रमिकों का बड़ा कोटा निर्धारित किया है। इस समय रूस में लगभग 70 हजार भारतीय नागरिकों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है, जिसमें से 40 हजार का आंकड़ा अगले साल तक पूरा करने की योजना है। यह जानकारी रूस के सस्टेनेबल डेवलपमेंट मामलों के प्रतिनिधि, बोरिस टिटोव ने साझा की है।

भारतीय श्रमिकों की बढ़ती उपस्थिति

रूस में भारतीय श्रमिकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक करीब 70 से 80 हजार भारतीय नागरिक रूस में काम कर रहे होंगे। भारत-रूस के बीच श्रम समझौते पर दिसंबर 2023 में उस समय के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हस्ताक्षर किए गए थे, जो भारतीय मजदूरों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित कर रहे हैं।

श्रम बाजार में भारतीयों की भूमिका

वर्तमान में रूस में विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों की भारी कमी महसूस की जा रही है। कंस्ट्रक्शन, आईटी, हेल्थ, लॉजिस्टिक्स और ट्रेड जैसे क्षेत्रों में यहां कर्मचारियों की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है। भारत के श्रमिक इन क्षेत्रों में एक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, और इस प्रवृत्ति के आगे बढ़ने की संभावना है। एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारतीय श्रमिकों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई। खासतौर पर तीसरी तिमाही में भारतीय श्रमिकों की संख्या 63 हजार तक पहुंचने की संभावना है।

रूस में भारतीयों के लिए आकर्षक वेतन और भत्ते

रूस में भारतीय श्रमिकों को मिलने वाला वेतन अन्य देशों की तुलना में आकर्षक है। कम स्किल्ड श्रमिकों को रूस में लगभग 555 डॉलर से लेकर 1111 डॉलर तक का मासिक वेतन मिल सकता है, जो भारतीय मुद्रा में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक हो सकता है। इसके अलावा, कई मामलों में भारतीय कामकाजी को मुफ्त भोजन, आवास और यहां तक कि रूसी भाषा की ट्रेनिंग भी प्रदान की जा रही है।