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Up Kiran, Digital Desk: कभी न सोने वाले शहर न्यूयॉर्क में इस वक्त मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। शुरुआती नतीजों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहाँ भारतीय-युगांडा मूल के युवा डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नेता ज़ोहरान मामदानी, न्यूयॉर्क के पूर्व दिग्गज गवर्नर एंड्रयू कुओमो पर बढ़त बनाए हुए हैं।

अब तक लगभग 7 लाख 35 हज़ार वोट डाले जा चुके हैं और शुरुआती रुझान इस ओर इशारा कर रहे हैं कि न्यूयॉर्क शहर शायद एक नई राजनीतिक दिशा की ओर देख रहा है।

कौन आगे, कौन पीछे?

शुरुआती मतगणना के अनुसार, ज़ोहरान मामदानी अपने प्रतिद्वंद्वी और न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो से आगे चल रहे हैं। यह बढ़त इसलिए भी अहम है क्योंकि एंड्रयू कुओमो न्यूयॉर्क की राजनीति का एक बहुत बड़ा और स्थापित नाम हैं। उनका इस दौड़ में पीछे रहना कई राजनीतिक पंडितों के लिए हैरानी की बात है।

हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये सिर्फ शुरुआती रुझान हैं और अभी भी हज़ारों वोटों की गिनती बाकी है। अंतिम फैसला आने में अभी वक़्त लग सकता है, लेकिन मामदानी की शुरुआती बढ़त ने उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया है।

कौन हैं ज़ोहरान मामदानी?

ज़ोहरान मामदानी न्यूयॉर्क की राजनीति में एक उभरता हुआ प्रगतिशील चेहरा हैं। वे डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका (DSA) के सदस्य हैं और अपनी समाजवादी नीतियों के लिए जाने जाते हैं। वे किरायेदारों के अधिकार, मुफ्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट और अमीरों पर ज़्यादा टैक्स लगाने जैसे मुद्दों की वकालत करते रहे हैं। उनकी जीत न्यूयॉर्क शहर की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकती है, जो पारंपरिक डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों से हटकर होगी।

एंड्रयू कुओमो के लिए वापसी की मुश्किल राह

वहीं दूसरी ओर, एंड्रयू कुओमो के लिए यह चुनाव उनके राजनीतिक करियर को फिर से पटरी पर लाने का एक बड़ा दांव है। यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते उन्हें गवर्नर के पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद वह अपनी छवि को सुधारने और राजनीति में वापसी करने की कोशिश कर रहे हैं। मेयर का चुनाव जीतना उनके लिए एक बड़ी राजनीतिक वापसी साबित हो सकती है, लेकिन शुरुआती रुझानों ने उनकी राह मुश्किल कर दी है।

यह चुनाव सिर्फ़ दो उम्मीदवारों के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह न्यूयॉर्क की राजनीति की दो अलग-अलग विचारधाराओं की लड़ाई है  एक तरफ कुओमो का स्थापित और परंपरागत उदारवाद है, तो दूसरी तरफ मामदानी का नया और प्रगतिशील समाजवाद। अब देखना यह होगा कि 'बिग एप्पल' के नाम से मशहूर यह शहर किस पर अपना भरोसा जताता है।