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Up Kiran,Digital Desk: नीतीश सरकार ने किसानों और युवा उद्यमियों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है, जो न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस योजना का उद्देश्य कृषि वानिकी को बढ़ावा देना है, और यह हरियाली को बढ़ाने के साथ-साथ नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगी।

आय बढ़ाने और पर्यावरण सुधार का मिश्रण

बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कृषि वानिकी योजना को मंजूरी दी है, जो विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी साबित होगी जो स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए कुछ योगदान देना चाहते हैं। यह योजना छोटे व्यवसायों और निजी नर्सरी स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके माध्यम से किसानों के साथ-साथ युवा उद्यमियों को भी नए अवसर मिलेंगे।

नर्सरी स्थापना और उत्पादन का मुख्य उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि वानिकी पौधों की नर्सरी स्थापित कर उनका उत्पादन करना है। इससे राज्य में हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह योजना उन लोगों के लिए खास तौर पर लाभकारी होगी जो पौधों की उगाई और नर्सरी के संचालन में रुचि रखते हैं। नर्सरियों के माध्यम से किसानों और उद्यमियों को आय का एक स्थिर स्त्रोत प्राप्त होगा।

किस प्रकार के पौधों का होगा उत्पादन?

इस योजना के तहत नर्सरी में गम्हार, सेमल, मालावार नीम और अन्य बहुउद्देश्यीय पौधों का उत्पादन किया जाएगा। इन पौधों की बाज़ार में उच्च मांग है, जिससे न केवल किसानों को आय का स्रोत मिलेगा बल्कि राज्य में हरियाली भी बढ़ेगी। ये पौधे पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित होंगे।