Up kiran,Digital Desk : CBSE के छात्रों और उनके माता-पिता के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी खबर है। जो बच्चे 2026 में 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे, उनके लिए अब 'रट्टा मारकर' अच्छे नंबर लाने वाले दिन खत्म हो गए हैं। अब परीक्षा की कॉपी खोलते ही आपको एहसास होगा कि नंबर सिर्फ किताबी ज्ञान के नहीं, बल्कि आपकी समझ और दिमागी ताकत के मिलेंगे।
क्यों हो रहा है यह बड़ा बदलाव?
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लिया है। इसका सीधा-सा मकसद है बच्चों को रटने-रटाने वाली पढ़ाई से निकालकर असल ज्ञान की तरफ ले जाना, ताकि वे सिर्फ सवालों के जवाब न दें, बल्कि समस्याओं को हल करना भी सीखें।
तो कैसा होगा 2026 से नया पेपर पैटर्न?
- 50% सवाल होंगे 'दिमाग वाले' (Competency-Based): यानी पेपर का आधा हिस्सा ऐसा होगा, जहाँ आपको दिमाग लगाना पड़ेगा। इसमें आपको MCQs, केस स्टडी (कोई सिचुएशन देकर उससे जुड़े सवाल), पैराग्राफ या डेटा वाले सवाल और असल जिंदगी से जुड़ी समस्याएं मिलेंगी।
- 20% सवाल होंगे 'ऑप्शन वाले' (Simple MCQs): ये सीधे-सादे बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जहाँ आपको सही जवाब चुनना होगा।
- 30% सवाल होंगे 'लिखने वाले' (Short/Long Answers): इसमें आपको छोटे और बड़े जवाब लिखने होंगे, जैसा कि आप अभी तक करते आए हैं।
10वीं के छात्रों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी!
नई शिक्षा नीति के तहत, 2026 से 10वीं क्लास के बच्चों को साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब बच्चों पर एक ही परीक्षा का सारा दबाव नहीं रहेगा और उन्हें अपना बेस्ट प्रदर्शन करने के दो मौके मिलेंगे।
कुल मिलाकर, CBSE अब रटने-रटाने वाली पढ़ाई को खत्म करके बच्चों को असल जिंदगी के लिए तैयार करना चाहता है, ताकि वे जो भी सीखें, उसे लंबे समय तक याद रख सकें और उसका इस्तेमाल कर सकें।
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