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Up Kiran, Digital Desk: पहले होटल में सीईओ का बर्थडे मनाया गया। केक काटा गया, उत्सव हुआ और रात देर तक पार्टी चली। इसी खुशी के बीच 'आफ्टर पार्टी' का निमंत्रण भी दिया गया, जिसे एक सामान्य औपचारिकता माना गया। किसी को नहीं पता था कि वही आफ्टर पार्टी एक महिला प्रबंधक की जिंदगी की सबसे डरावनी घटना बन जाएगी।

पार्टी खत्म होने के बाद जब महिला प्रबंधक को घर छोड़ने की बात आई, तो उसे कार में बिठाया गया। उस कार में पहले से कंपनी का सीईओ और महिला कार्यकारी प्रमुख का पति मौजूद थे। विश्वास और पद की ताकत में यह सफर चलता रहा। आफ्टर पार्टी के नाम पर रास्ते में धूम्रपान सामग्री खरीदी गई, कार में सभी ने धूम्रपान किया और उसके बाद ऐसी घटनाएं घटीं कि जिसने भी सुना, वह हैरान रह गया। अब इस मामले में सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में हुआ यह मामला 'आफ्टर पार्टी' जैसे शब्दों के पीछे छिपे खतरनाक सच को उजागर करता है।

एफआईआर में क्या दर्ज हुआ?

एफआईआर के अनुसार, पीड़िता एक निजी कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी शोभागपुरा स्थित एक होटल में आयोजित की गई थी। पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची। पार्टी देर रात तक चली और करीब 1:30 बजे कार्यक्रम औपचारिक रूप से समाप्त हुआ। पार्टी में कंपनी के सीईओ के साथ महिला कार्यकारी प्रमुख और उसका पति भी मौजूद थे। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पार्टी के दौरान रात को उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोशी जैसे स्थिति में आ गई। इसी बीच कुछ लोग उसे घर छोड़ने की बात करने लगे, मगर तभी महिला कार्यकारी प्रमुख ने 'आफ्टर पार्टी' का प्रस्ताव रखा और उसे इसमें शामिल होने के लिए कहा।

'आफ्टर पार्टी' का निमंत्रण और बाद की घटना

एफआईआर के मुताबिक, रात करीब 1:45 बजे पीड़िता को कार में बिठाया गया। कार में पहले से ही सीईओ और महिला कार्यकारी प्रमुख का पति मौजूद था। तीनों ने उसे घर छोड़ने का भरोसा दिलाया। रास्ते में एक दुकान से धूम्रपान सामग्री खरीदी गई और पीड़िता को भी धूम्रपान करने के लिए कहा गया। धूम्रपान के बाद उसकी हालत और खराब हो गई और वह पूरी तरह से नशे में डूब गई। कुछ देर बाद जब पीड़िता को होश आया तो उसने आरोप लगाया कि सीईओ उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था। इसके बाद सीईओ, महिला कार्यकारी प्रमुख और उसके पति ने मिलकर उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता के अनुसार, वह लगातार खुद को बचाने और घर जाने की गुहार करती रही, मगर आरोपियों ने उसकी एक न सुनी।

सुबह तक चलता रहा सिलसिला

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तड़के करीब 5 बजे उसे घर छोड़ा गया। घर पहुंचने पर भी वह पूरी तरह से सामान्य नहीं थी। जब उसे पूरी तरह होश आया तो उसने पाया कि उसका एक इयरिंग, मोजे और अंडर गारमेंट्स गायब थे। उसके प्राइवेट हिस्सों पर चोट के निशान थे, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ गई। मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने बाद में हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया।

कार के डैशकैम ने खोले राज

इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब पीड़िता और जांच एजेंसियों ने कार के डैशकैम के ऑडियो-वीडियो फुटेज की जांच की। एफआईआर के अनुसार, जांच में सामने आया कि कार में हुई पूरी घटना डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई थी। फुटेज में सीईओ, महिला कार्यकारी प्रमुख और उसके पति की गतिविधियां कैद होने का दावा किया गया है। यही फुटेज जांच के लिए महत्वपूर्ण प्रमाण माने जा रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई

सुखेर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद फौरन कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर तीनों आरोपियों को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना के हर पहलू की गहन जांच कर रही है, जिसमें होटल पार्टी, आफ्टर पार्टी, कार की लोकेशन और अन्य तकनीकी प्रमाण शामिल हैं।