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UP Kiran,Digital Desk: जापान के राजनीतिक परिदृश्य में हाल ही में एक नया मोड़ आया है, जिसे लेकर न केवल जापान बल्कि समूचे एशिया में हलचल मच गई है। हाल ही में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने प्रतिनिधि सभा चुनाव में अभूतपूर्व जीत हासिल की है, और इस सफलता का असर सिर्फ जापान तक ही सीमित नहीं रहने वाला। यह जीत क्षेत्रीय रणनीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रही है, खासकर चीन के संदर्भ में।

ताकाइची का विजय रथ और चीन के लिए खतरे की घंटी

जापान की राजनीति में सनाए ताकाइची का नाम अब प्रमुखता से लिया जाने लगा है। चीन विरोधी विचारधारा के साथ, उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक मजबूत और सुदृढ़ रणनीति को अपना लिया है। ताकाइची की यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि जापान के विदेश नीति में चीन के प्रति एक स्पष्ट और मजबूत संदेश है। यह संदेश है कि अब टोक्यो बीजिंग के दबावों के आगे झुकेगा नहीं। जापान और भारत के रिश्तों में भी इस जीत से नयापन आ सकता है, क्योंकि ताकाइची भारत को एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार मानती हैं।

एलडीपी की ऐतिहासिक सफलता

हाल ही में हुए आम चुनाव में ताकाइची की अगुआई में एलडीपी गठबंधन ने निचले सदन में 465 में से 316 सीटें जीतकर एक रिकॉर्ड तोड़ा। यह जीत न केवल पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जापान के राजनीति के लिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है। इस बहुमत ने एलडीपी को दो-तिहाई से अधिक सीटें दिलाई हैं, जो पार्टी के लिए एक अभूतपूर्व सफलता है। इससे पहले 1986 में यासुहिरो नाकासोन के नेतृत्व में एलडीपी ने 300 सीटें जीती थीं, लेकिन अब यह आंकड़ा पार हो गया है।

भारत और जापान के रिश्ते और ताकाइची का असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस ऐतिहासिक जीत पर ताकाइची को बधाई दी और कहा कि भारत-जापान के रिश्ते और मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की साझेदारी शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अहम भूमिका निभाती है। यह संदेश स्पष्ट करता है कि जापान और भारत के रिश्तों में न केवल राजनीतिक बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी एक नई दिशा देखने को मिल सकती है।

जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री: ताकाइची का नया अध्याय

जापान में अक्टूबर 2025 में सनाए ताकाइची ने पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उनका नेतृत्व जापान के लिए एक नया अध्याय लेकर आया है, जिसमें उन्होंने आर्थिक सुधार, सैन्य क्षमता में वृद्धि और अमेरिका के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। ताकाइची का नेतृत्व उनके सख्त और दृढ़ नायकत्व के कारण विशेष रूप से युवा वर्ग में लोकप्रिय हो रहा है, जो उन्हें एक मजबूत और निर्णयात्मक नेता के रूप में देखता है।