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Up Kiran, Digital Desk: उत्तराखंड के ऊंचे हिमालीय इलाकों में बर्फबारी और संभावित हिमस्खलन के कारण खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रक्षा भू- सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने शुक्रवार को जारी पूर्वानुमान में चेतावनी दी है कि उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ जिले में बर्फबारी के कारण हिमस्खलन होने का जोखिम बढ़ सकता है। इन क्षेत्रों को "डेंजर लेविल-3" श्रेणी में रखा गया है जबकि बागेश्वर जिले को "लेविल-2" में रखा गया है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम निर्देश

डीजीआरई के पूर्वानुमान के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने इन जिलों के प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में बर्फबारी के दौरान हिमस्खलन की घटनाओं की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने इन स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और आपातकालीन राहत कार्यों को तेज़ करने की आवश्यकता जताई है।

स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को अपील

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव, विनोद कुमार सुमन ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों से अपील की है कि वे किसी भी अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी प्रकार के आपातकाल से बचा जा सके।

हिमस्खलन से बचाव के टिप्स

इन इलाकों में सुरक्षित रहने और हिमस्खलन के खतरे से बचने के लिए कुछ अहम सुझाव दिए गए हैं:

यात्रा को कम से कम रखें: हिमस्खलन की चेतावनी के दौरान केवल अत्यावश्यक यात्रा ही करें और बर्फीले क्षेत्रों में अधिक समय न बिताएं।

सतर्कता बरतें: विशेष रूप से हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतें। ऐसे इलाकों में रुकने या शिविर लगाने से बचें।

सुरक्षित स्थानों पर ठहरें: यदि बर्फबारी की स्थिति गंभीर हो, तो निचले और सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित हो जाएं।

आवश्यक सामान साथ रखें: मोबाइल फोन, पॉवर बैंक, टॉर्च और प्राथमिक चिकित्सा किट हमेशा साथ रखें ताकि आपातकाल में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

प्रशासन की सलाह का पालन करें: जिला प्रशासन द्वारा जारी सभी एडवाइजरी और अलर्ट को गंभीरता से लें और आवश्यक कदम उठाएं।