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Up Kiran, Digital Desk: क्या कभी आपने रेलगाड़ी में सफर करते हुए भगवान के दर्शन किए हैं? दक्षिण भारत की यात्रा पर निकली एक विशेष ट्रेन में अब श्रद्धालु गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हुए सफर कर रहे हैं। ये रेल 'भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन' के नाम से जानी जाती है अपने यात्रा मार्ग में केवल धार्मिक स्थलों का ही दर्शन नहीं कराती बल्कि इसमें यात्रा करने वालों के लिए एक अद्वितीय धार्मिक अनुभव भी प्रदान करती है।

एक यात्रा जो श्रद्धा से भरी हुई है

यह ट्रेन फिलहाल दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कर रही है। इस ट्रेन में बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु सवार हुए हैं और सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें स्लीपर कोच में एक मंदिर की स्थापना की गई है। ट्रेन के साइड अपर सीट को पूरी तरह से मंदिर के रूप में ढाल दिया गया है, जहां भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की गई है। अब यात्री न केवल अपनी यात्रा का आनंद ले रहे हैं, बल्कि ढोल-झाल और भजन-कीर्तन के साथ अपने श्रद्धा भाव को भी व्यक्त कर रहे हैं।

ट्रेन के भीतर पूजा अर्चना और भक्ति का माहौल

भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन एक आम ट्रेन नहीं है। इसमें आठ स्लीपर कोच, एक थर्ड एसी, एक सेकेंड एसी और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस ट्रेन में कुल 464 यात्रियों के लिए बुकिंग की गई है, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग श्रद्धालु हैं। ट्रेन के स्लीपर कोच में स्थापित भगवान गणेश के मंदिर में हर सुबह और शाम श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। इसके साथ ही ढोलक-झाल की धुन पर भजन गाए जाते हैं और यात्रा के दौरान एक भक्ति का वातावरण बनता है। यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और धार्मिकता का अद्वितीय मेल है, जो यात्रियों के दिलों को छू रहा है।

यह विशेष यात्रा 18 जनवरी को शुरू हुई थी और 1 फरवरी तक जारी रहेगी। कुल 14 रातों और 15 दिनों की इस यात्रा में श्रद्धालु तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी, तिरुवनंतपुरम और पुरी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन करेंगे। इस यात्रा के दौरान, सभी यात्रियों को इन पवित्र स्थलों के दर्शन करवाए जाएंगे और इसके बाद अगले पड़ाव के लिए यात्रा जारी रहेगी।