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Up Kiran,Digital Desk: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में बांदा में आयोजित एक धार्मिक सभा में हिंदू समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनका यह संबोधन समाज में सुधार और एकता की आवश्यकता पर केंद्रित था। शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र के निर्माण के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की और यह स्पष्ट किया कि कोई भी अन्य समुदाय को निशाना बनाकर या गालियाँ देकर इस उद्देश्य को हासिल नहीं किया जा सकता।

हिंदू समाज में सुधार की आवश्यकता

पंडित शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा, "भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए हमें सबसे पहले अपने भीतर की खामियों और कुरीतियों को दूर करना होगा। केवल इसी तरह हम अपने समाज में शांति और एकता स्थापित कर सकते हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिंदू धर्म में कई सुधार की गुंजाइश है और केवल तभी हम अपने समाज को मजबूत बना सकते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से जातिवाद और अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने की बात की। उनके अनुसार, हिंदू समाज को एकजुट करने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि हम सब जात-पात को समाप्त करें और एक दूसरे को भाई-भाई मानें।

बागेश्वर धाम के विवादास्पद विचार

धीरेंद्र शास्त्री ने तलाक के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार तलाक एक गंभीर प्रक्रिया है और इसे किसी भी हालत में हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। शास्त्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "हमारे यहाँ तलाक तब तक नहीं होता जब तक 20-25 पेशियां न हो जाएं। इसका मतलब यह है कि तलाक के मामलों में कुछ समय और धैर्य रखना जरूरी है।" उनके अनुसार, तलाक के मामले में जल्दबाजी करने से कोई लाभ नहीं होता।