Up Kiran, Digital Desk: कई लोग अक्सर होंठों पर पपड़ी जमने को पानी की कमी, ठंडा मौसम या सूखापन से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय तक जारी रहे और ठीक न हो, तो यह गंभीर बीमारी, यहां तक कि होंठों के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। सर्दियों में त्वचा पहले से ही सूखी हो जाती है और लापरवाही के कारण होंठ भी फटने लगते हैं। शुरुआत में यह सामान्य लगता है, लेकिन यदि पपड़ी बार-बार जमने लगे, दर्द होने लगे या घाव ठीक न हो, तो सतर्क होना महत्वपूर्ण है। चिकित्सकों के अनुसार, कई बार यह विटामिन की कमी से भी हो सकता है, लेकिन सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।
होंठों का कैंसर क्या है?
होंठों का कैंसर (Lip Cancer) तब होता है जब होंठों की कोशिकाएं असंयत रूप से बढ़ने लगती हैं। यह रोग सामान्यत: होंठ के निचले हिस्से में अधिक देखने को मिलता है। इसमें एक घाव या गांठ बन जाती है जो लंबे समय तक ठीक नहीं होती। यह समस्या अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे इसके प्रारंभिक लक्षण नजर आने लगते हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है।
होंठों के कैंसर के 3 प्रारंभिक संकेत
होंठों पर घाव या गांठ का बनना।
होंठों पर लाल या सफेद धब्बे दिखाई देना।
होंठों पर मोटी और कठोर पपड़ी जमना।
कैंसर से पहले होंठ कैसे नजर आते हैं?
कैंसर के शुरुआती दौर में होंठों पर या मुंह के आसपास बार-बार पपड़ी जमने लगती है, रंग बदलता है या सूजन नजर आती है। धीरे-धीरे यह गांठ या घाव का रूप ले सकता है जो नहीं भरता। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, इसलिए मुंह या होंठों पर किसी भी बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
होंठों का कैंसर क्यों होता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, होंठों का कैंसर कई कारणों से हो सकता है। लगातार धूम्रपान या तंबाकू सेवन करने से होंठों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ता है। इसके अतिरिक्त, लंबे समय तक तेज धूप में रहने से भी होंठों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शराब का अधिक सेवन और केमिकल युक्त सौंदर्य उत्पादों का नियमित उपयोग भी होंठों के कैंसर का कारण बन सकता है।
_1236274803_100x75.png)
_548931490_100x75.png)
_1575106260_100x75.png)
_576702762_100x75.png)
_95334646_100x75.png)