Up Kiran, Digital Desk: राजस्थान के अलवर जिले के लिए आज एक बेहद खास दिन रहा, क्योंकि बहुप्रतीक्षित ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) के काम को तेजी देने के लिए एक नया कार्यालय ITI चौराहा स्थित रोडवेज डिपो के पास शुरू कर दिया गया है। यह कदम क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
इस मौके पर एक और बड़ी खबर सामने आई, जब 3491 करोड़ रुपये के भव्य टेंडर जारी किए गए। ये टेंडर ERCP के चरण-3 के तहत पानी की आपूर्ति प्रणाली से संबंधित हैं। यह अब तक इस प्रोजेक्ट में जारी किया गया सबसे बड़ा एकल टेंडर है, जो दिखाता है कि सरकार इस परियोजना को लेकर कितनी गंभीर है।
अधिकारी रहे मौजूद, बताया प्रोजेक्ट का महत्व:
कार्यालय के उद्घाटन के दौरान मुख्य अभियंता एन.के. नागर, अधीक्षण अभियंता (SE) राजकुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता (XEN) प्रवीण सक्सेना सहित कई अन्य इंजीनियर और अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 13 पूर्वी राजस्थान जिलों को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराना है, साथ ही 2 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी देना भी इसका उद्देश्य है।
परियोजना के चरण और फंडिंग:
अब तक, ERCP के तहत चरण-1 और चरण-2 के लिए क्रमशः 2500 करोड़ रुपये और 2900 करोड़ रुपये के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। आज जारी किया गया 3491 करोड़ रुपये का टेंडर चरण-3 के लिए है। अधिकारियों ने बताया कि इस चरण का काम अगले 3 साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अलवर, जयपुर और दौसा को मिलेगा सीधा लाभ:
यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अलवर के साथ-साथ जयपुर और दौसा जिलों के लिए भी वरदान साबित होगा। इन क्षेत्रों में पीने के पानी और सिंचाई के पानी की समस्या काफी पुरानी है, और ERCP से यह समस्या बड़े पैमाने पर हल होने की उम्मीद है।
करीब 46000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस विशाल प्रोजेक्ट पर काम अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है। अलवर में नए कार्यालय का खुलना और रिकॉर्ड टेंडर का जारी होना, यह साफ दर्शाता है कि राजस्थान सरकार इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य के बड़े हिस्से को पानी की किल्लत से निजात मिल सके।
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