Up kiran,Digital Desk : पश्चिम एशिया में चल रहा 'माइंड गेम' अब खतरनाक मोड़ पर आ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी खींचतान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान को दो टूक चेतावनी दी है। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान अपनी पुरानी हरकतों पर उतर आया है, लेकिन वह अमेरिका या दुनिया को 'ब्लैकमेल' नहीं कर सकता।
"बातचीत चल रही है, लेकिन झुकेगा नहीं अमेरिका"
ईरान द्वारा होर्मुज को फिर से बंद करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, "ईरान स्ट्रेट को दोबारा बंद करना चाहता है, जैसा कि वे सालों से करते आ रहे हैं। वे थोड़ा 'क्यूट' (चालाकी) बनने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें समझना होगा कि वे हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकते।" ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि पर्दे के पीछे बातचीत जारी है और शायद दिन के अंत तक कुछ ठोस जानकारी सामने आए, लेकिन अमेरिका अपना 'सैन्य ब्लाकेड' (नाकाबंदी) तब तक नहीं हटाएगा जब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो जाता।
क्यों टूटा 24 घंटे का 'शांति समझौता'?
शुक्रवार को लेबनान में सीजफायर के बाद ईरान ने सद्भावना दिखाते हुए होर्मुज को सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खोलने का ऐलान किया था। ट्रंप ने शुरुआत में इसका स्वागत किया, लेकिन बाद में स्पष्ट किया कि ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। इसे ईरान ने 'वादाखिलाफी' करार दिया। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका उनके जहाजों को रोक रहा है, तो वे भी दुनिया के तेल मार्ग पर अपना नियंत्रण बहाल करेंगे। शनिवार सुबह ईरान ने न केवल स्ट्रेट को बंद किया, बल्कि गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर फायरिंग की भी खबरें आईं।
ईरान की जवाबी चेतावनी: "सख्त नियंत्रण में रहेगा होर्मुज"
तेहरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने ईरानी बंदरगाहों से ब्लाकेड हटाने का अपना वादा तोड़ दिया है। ईरानी सैन्य कमांड ने रेडियो संदेशों के जरिए खाड़ी में मौजूद जहाजों को आगाह किया है कि अब होर्मुज से गुजरने के लिए ईरानी नौसेना की अनुमति और 'टोल' अनिवार्य होगा। ईरान के विदेश मंत्रालय ने सख्त लहजे में कहा कि जब तक अमेरिका ईरान के समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता बहाल नहीं करता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति 'सख्त सैन्य नियंत्रण' में रहेगी।
वैश्विक संकट: 23 जहाजों को लेना पड़ा 'यू-टर्न'
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, शनिवार सुबह ईरान द्वारा प्रतिबंध फिर से लागू किए जाने के बाद कम से कम 23 व्यापारिक जहाजों को अपना रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा है। इसमें भारतीय टैंकर भी शामिल हैं। समुद्र में जारी इस वर्चस्व की जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों को लेकर भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है।




