Up Kiran, Digital Desk: आजकल के बदलते कृषि माहौल में किसान ऐसी फसलों की तलाश में हैं जो कम समय में अच्छे लाभ का स्रोत बन सकें। इस दिशा में सीजनल सब्जियों की खेती ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। इन सब्जियों की खासियत यह है कि ये न केवल किसानों की आमदनी को बढ़ाती हैं, बल्कि इनकी मांग पूरे साल भर बनी रहती है। इन्हीं सब्जियों में ब्रोकली भी एक लोकप्रिय विकल्प बन चुकी है, जो किसानों के लिए मुनाफे का एक बेहतरीन जरिया साबित हो सकती है।
एक ही सीजन में अच्छा कमा सकते हैं मुनाफा
ब्रोकली की खेती की दिशा में किसानों ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। यह फसल न केवल बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होती है, बल्कि इसकी मांग घरेलू बाजार में भी बढ़ी है। ब्रोकली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कम समय में तैयार हो जाती है, जिससे किसान एक ही सीजन में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
बाराबंकी जिले के एक किसान ने इस फसल की खेती में सफलता हासिल की है। वह बताते हैं कि ब्रोकली की खेती ने उन्हें उनके निवेश से कहीं अधिक मुनाफा दिलाया है। बडेल गांव के निवासी किसान मंगल मौर्या ने जब से ब्रोकली की खेती शुरू की, तब से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उनका कहना है कि आज वह लगभग डेढ़ से दो बीघे जमीन पर ब्रोकली उगाकर एक फसल से 70 से 80 हजार रुपये तक कमा रहे हैं।
कम लागत, ज्यादा मुनाफा
किसान मंगल मौर्या ने इस फसल के बारे में बताया कि ब्रोकली की खेती की लागत काफी कम है। एक बीघे की लागत लगभग 8 से 10 हजार रुपये आती है, और एक बार लगाई गई फसल 20 से 25 दिनों तक चलती है। इसके बाद इसे तोड़कर प्रतिदिन बाजार में बेचा जा सकता है। इस समय ब्रोकली का मूल्य लगभग 30 से 35 रुपये प्रति पीस है, जो इसे एक आकर्षक विकल्प बनाता है। इसके अलावा, ब्रोकली की डिमांड बड़े होटल, रेस्टोरेंट और सुपरमार्केट में बहुत ज्यादा रहती है, जिससे इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है।
ब्रोकली की खेती का तरीका भी काफी सरल है। सबसे पहले इसके बीजों की नर्सरी तैयार की जाती है। फिर खेत में 2 से 3 बार जुताई कर गोबर और अन्य खाद डाले जाते हैं। इसके बाद खेत को समतल कर ब्रोकली के पौधे लगाए जाते हैं। रोपाई के बाद इसे नियमित रूप से पानी देना होता है। महज दो महीने में यह फसल तैयार हो जाती है। इससे किसान को ताजगी बनाए रखते हुए लगातार अच्छा मुनाफा मिलता है।
किसान अब अपनी पारंपरिक फसलों से बाहर निकलकर नए और लाभकारी विकल्पों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। ब्रोकली जैसी फसलें न केवल उनकी आय को बढ़ाने का काम कर रही हैं, बल्कि किसानों को कृषि क्षेत्र में आधुनिक बदलाव की दिशा में भी प्रोत्साहित कर रही हैं। इस तरह की खेती से न केवल किसानों का आर्थिक स्तर सुधर रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सुधार हो रहा है।
_741327943_100x75.png)
_20194018_100x75.png)
_2067267548_100x75.png)
_147346160_100x75.png)
_860635904_100x75.png)