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Up Kiran, Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जापान दौरे का दूसरा और अंतिम दिन सेंडाइ शहर में एक यादगार पल लेकर आया। जैसे ही पीएम मोदी टोक्यो से बुलेट ट्रेन के जरिये सेंडाइ पहुंचे, वहां बड़ी संख्या में जापानी नागरिकों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। “मोदी सान” कहकर उन्होंने न केवल सम्मान प्रकट किया, बल्कि इस मुल्क में मोदी की लोकप्रियता का भी पता चला।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ शिंकानसेन से सेंडाइ की यात्रा को अपने सोशल मीडिया अकाउंट, एक्स (पूर्व ट्विटर), पर साझा किया और लिखा, "सेंडाइ पहुंच गया। प्रधानमंत्री इशिबा के साथ शिंकानसेन से इस शहर की यात्रा की।" जैसे ही वे रेलवे स्टेशन से बाहर निकले, सैकड़ों जापानी लोग, साथ ही कुछ भारतीय नागरिक, जो वहां मौजूद थे, मुस्कुराते हुए “मोदी सान, जापान में आपका स्वागत है” कहते हुए उनका जोरदार अभिनंदन किया। पीएम मोदी ने सभी का अभिवादन हाथ हिला कर और बच्चों के साथ हाथ मिलाकर जवाब दिया, जो इस स्वागत को और भी खास बना गया।
यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि जापानी भाषा में "सान" प्रत्यय किस तरह सम्मान और विनम्रता दर्शाता है। "सान" एक सम्मानसूचक प्रत्यय है जिसे आमतौर पर किसी के नाम के बाद लगाया जाता है, जो अंग्रेज़ी के "श्रीमान" या "सुश्री" जैसे सम्मान स्वरूप प्रयोग में आता है। यह शब्द संदर्भ के अनुसार औपचारिक या अर्ध-औपचारिक होता है और यह लिंग-तटस्थ भी होता है। जापानी समाज में यह विनम्रता और सम्मान का प्रतीक माना जाता है, जिसे परिचितों, सहकर्मियों या अजनबियों के लिए बहुधा प्रयोग किया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को अधिक मजबूत बनाना है। सेंडाइ में, वे अपने जापानी समकक्ष इशिबा द्वारा आयोजित दोपहर के भोज में शामिल होंगे। इसके बाद दोनों नेता शहर में स्थित एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा करेंगे, जो तकनीकी सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
यह यात्रा कई मायनों में खास है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इशिबा के साथ शिखर वार्ता कर दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा, उद्योग और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तृत करने पर चर्चा की। मोदी की यात्रा कार्यक्रम में चार प्रमुख फैक्ट्रियों का दौरा शामिल है, जिनमें से एक फैक्ट्री ई10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन के प्रोटोटाइप की है, जिसे भारत खरीदने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस दौरे के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर की उम्मीद भी जताई जा रही है, जो दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी सहयोग में नई जान फूंकेंगे।
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