Up Kiran, Digital Desk: पूर्वांचल के पूर्व सांसद और चर्चित नेता धनंजय सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। धनंजय सिंह ने सपा प्रमुख को निशाना बनाते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अपनी राजनीति में क्षत्रिय समुदाय से गहरी नफरत है, और वह लगातार इस समुदाय को अपमानित करने का प्रयास कर रहे हैं। सिंह का कहना था कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने कई बार क्षत्रियों के खिलाफ नकारात्मक रवैया अपनाया था, जिसका प्रभाव समाज पर पड़ा।
राजा भैया पर हमला: एक अपमानजनक बयान
धनंजय सिंह ने इस दौरान अखिलेश यादव द्वारा राजा भैया का अपमान करने पर भी सवाल उठाए। पूर्व सांसद ने कहा कि अखिलेश ने एक सार्वजनिक मंच पर यह तक कह दिया था कि "कौन राजा?" जब उनका नाम लिया गया था। सिंह ने इस बयान को क्षत्रिय समुदाय का अपमान बताया और कहा कि यह टिप्पणी न केवल राजा भैया, बल्कि पूरी क्षत्रिय जाति के लिए अपमानजनक थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजा भैया ने अपनी कड़ी मेहनत से राजनीति में अपनी पहचान बनाई और लगातार सदन में रहकर लोगों की सेवा की है।
क्षत्रियों का विरोध: समाजवादी पार्टी के खिलाफ एक और आरोप
धनंजय सिंह ने इस बीच यह भी कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए कई ऐसे फैसले लिए थे, जिनका असर सीधे तौर पर क्षत्रियों पर पड़ा। वह यह मानते हैं कि अगर अखिलेश को फिर से मौका मिलता है, तो वह फिर से क्षत्रियों के खिलाफ काम करेंगे। उनका कहना था कि 2022 के चुनाव में जब क्षत्रियों ने सपा को जवाब दिया था, तब अखिलेश की पार्टी को भारी नुकसान हुआ था। हालांकि, सिंह ने भाजपा के कम सीटों पर हार की भी चर्चा की और यह कहा कि कुछ भाजपा नेताओं के बयान की वजह से पार्टी के पारंपरिक वोटर घटे थे।
अखिलेश यादव के सामाजिक दृष्टिकोण पर सवाल
धनंजय सिंह ने सपा प्रमुख की सामाजिक सोच पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के विचार और बयान समाज को पीछे खींचने का काम कर रहे हैं। सिंह का मानना है कि आज भारत 21वीं सदी में है, जहां छुआछूत और जातिवाद का कोई स्थान नहीं है। लेकिन अखिलेश यादव की भाषा और सोच अभी भी पुरानी है, जो समाज को एकजुट होने के बजाय और भी विभाजित कर देती है।
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