UP Kiran,Digital Desk: यूपी सरकार ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में बेटियों और उनके परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस बजट में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है, और इसमें राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कई नई योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा, जो पिछले वर्ष से लगभग 12.2 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़ोतरी से यह साफ है कि राज्य की आर्थिक स्थिति सुधरी है, और सरकार इसे जनकल्याण की दिशा में इस्तेमाल करने के लिए तत्पर है। इस बार के बजट में महिला और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को नई मजबूती देने की बात की गई है, खासकर उन परिवारों की मदद के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
समाज में समानता लाने की दिशा में कदम
सबसे उल्लेखनीय घोषणा सामूहिक विवाह योजना से संबंधित थी, जिसमें विवाह करने वाली बेटियों को मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ा दिया गया है। अब इस योजना के तहत 51,000 रुपये की मदद को बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत का कारण बनेगा जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 750 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है, ताकि अधिक से अधिक परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें।
सामाजिक संतुलन को बढ़ावा
सिर्फ सामूहिक विवाह योजना में ही नहीं, बल्कि सरकार ने अन्य योजनाओं के लिए भी प्रावधान किए हैं। अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी ताकि उनकी बेटियों की शादी के लिए सहायता मिल सके। सामान्य वर्ग के कमजोर वर्ग के लिए भी 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इससे साफ है कि सरकार हर वर्ग की बेटियों की बेहतरी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।




