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Up kiran,Digital Desk : भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में शतकीय पारी खेलकर अपनी बेहतरीन फिटनेस और मानसिक मजबूती का सबूत दिया। इस पारी को देखकर दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी प्रभावित हुए और उन्होंने युवा खिलाड़ियों को कोहली से सीखने की सलाह दी। हालांकि, भारत इस मैच में 338 रनों के लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाया और 41 रन से हार गया।

कोहली की शतकीय पारी और टीम की हार

इंदौर में कोहली ने 108 गेंदों पर 124 रन बनाए। गावस्कर ने कहा कि कोहली की तकनीक नहीं, बल्कि उनकी मानसिकता उन्हें वनडे क्रिकेट में सबसे सुसंगत बल्लेबाज बनाती है। उन्होंने बताया कि कोहली खेल के दौरान इस बात से प्रभावित नहीं होते कि लोग उनसे क्या उम्मीद करते हैं।

गावस्कर ने यह भी बताया कि भारत के लिए असली चुनौती अच्छी शुरुआत न कर पाना रही। केएल राहुल और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ी अच्छी शुरुआत नहीं कर पाए, जबकि हर्षित राणा पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल था। यही कारण था कि टीम बड़ा स्कोर चेज़ करने में सफल नहीं हो पाई।

कोहली के मानसिक दृष्टिकोण की सराहना

गावस्कर ने कोहली की अंत तक प्रयास करने की मानसिकता की प्रशंसा की और युवाओं को यही सीख लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कोहली किसी छवि या लोगों की अपेक्षाओं में बंधकर नहीं खेलते। उनकी प्राथमिकता केवल खेल में रन बनाना होती है।

परिस्थितियों के अनुसार खेलना कोहली की खासियत है।

कभी आक्रामक, कभी संभलकर खेलना उनकी रणनीति का हिस्सा है।

वे हार नहीं मानते और परिस्थिति के अनुसार स्ट्राइक रोटेट करते हैं।

गावस्कर ने कहा कि युवा खिलाड़ी उनसे यह सीख लें कि किसी छवि में बंधकर न रहें, परिस्थिति अनुसार खेलें, और निरंतर प्रदर्शन में सुधार करें।