Up Kiran, Digital Desk: राजस्थान सरकार ने प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। 12 जनवरी को मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य राज्य के एक लाख युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत युवाओं को बिना ब्याज के ऋण दिया जाएगा ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और समाज में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न कर सकें।
स्वरोजगार के लिए बिना ब्याज का कर्ज
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें युवाओं को 10 लाख रुपये तक का कर्ज बिना किसी ब्याज के मिलेगा। इसका मतलब है कि सरकार कर्ज पर लगने वाला पूरा ब्याज खुद वहन करेगी। इसके अलावा, युवाओं को कारोबार शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये तक की शुरुआत में वित्तीय सहायता (मार्जिन मनी) भी दी जाएगी। इसके साथ ही, ऋण की गारंटी से जुड़ी फीस का भुगतान भी सरकार करेगी। यह पहल न सिर्फ युवाओं के लिए एक अच्छा अवसर है बल्कि यह स्थानीय रोजगार सृजन में भी योगदान करेगा।
आर्थिक मदद का विस्तार
इस योजना के तहत युवाओं को उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में मदद मिलेगी। 8वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाले युवाओं को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 7.5 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा। वहीं, जो युवा दुकान या सेवा व्यवसाय में रुचि रखते हैं, उन्हें 3.5 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, जो युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं या ITI जैसे तकनीकी कोर्स किए हैं, उन्हें 10 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा ताकि वे अपनी छोटी फैक्ट्री शुरू कर सकें। अन्य व्यवसायों के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
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