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Up Kiran, Digital Desk: सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी सहयोगी देशराज सिंह कुशवाहा की 100 करोड़ रुपये की भूमि को सरकारी संपत्ति के रूप में घोषित कर दिया गया है। आयकर विभाग ने 2023 में इस ज़मीन को बेनामी संपत्ति के रूप में जब्त किया था, और अब दिल्ली के एक निर्णायक प्राधिकरण ने इस कार्रवाई को सही ठहराया है। इसके बाद आयकर विभाग को इस ज़मीन को नीलाम करने का अधिकार मिल गया है।

बेनामी संपत्ति का सच उजागर
यह ज़मीन लखनऊ के बंथरा क्षेत्र के एक प्रमुख स्थान पर स्थित थी, जहां एक फाइव स्टार होटल के सामने 1.6670 हेक्टेयर भूमि जब्त की गई थी। जांच में यह पाया गया कि इस ज़मीन को फर्जी तरीके से खरीदा गया था, और इसके खरीद दस्तावेजों में केवल दिखावे के लिए चेक नंबर का उल्लेख किया गया था। यह भूमि देशराज सिंह के कानपुर स्थित घर पर आयकर विभाग की छापेमारी में मिली थी, जब ऑपरेशन बाबू साहब के तहत विभाग ने उनके ठिकाने पर जांच की।

आयकर विभाग की विशेष ऑपरेशन की भूमिका
2022 में आयकर विभाग ने 'ऑपरेशन बाबू साहब' के तहत विशेष कार्रवाई शुरू की थी, जिसका उद्देश्य सरकारी अफसरों और उनके करीबी सहयोगियों द्वारा अवैध संपत्तियों के मामले को उजागर करना था। इस अभियान के दौरान कानपुर में बाबू सिंह कुशवाहा के दो करीबी साथी, राजू चौहान और देशराज सिंह कुशवाहा की संलिप्तता सामने आई। यह दोनों प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार में शामिल थे और उनके पास से कई बेनामी संपत्तियों के कागजात बरामद हुए थे।