Up kiran,Digital Desk : फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी ज़ोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी ‘इटरनल’ के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने CEO पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका रुझान अब उच्च-जोखिम वाले नए शोध और प्रयोगों की ओर बढ़ गया है।
अलबिंदर ढींडसा होंगे नए ग्रुप CEO
स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के अनुसार, ब्लिंकइट के संस्थापक अलबिंदर ढींडसा को 1 फरवरी से ‘ग्रुप CEO’ के रूप में नियुक्त किया जाएगा। वह अब कंपनी के दिन-प्रतिदिन के संचालन, व्यवसायिक निर्णय और प्राथमिकताओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। दीपेंद्र गोयल ने ढींडसा की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया और उन्हें कंपनी का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम बताया।
इटरनल की वित्तीय स्थिति मजबूत
इटरनल ने दिसंबर तिमाही में 102 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 59 करोड़ रुपये से 72.88 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के बोर्ड ने दीपेंद्र गोयल के इस्तीफे को मंजूरी दी और उन्हें पांच साल के कार्यकाल के लिए बोर्ड में उपाध्यक्ष और निदेशक के रूप में नामित करने की सिफारिश की है।
गोयल अब निजी रिसर्च वेंचर्स पर ध्यान देंगे
दीपेंद्र गोयल अब एलएटी एयरोस्पेस, कंटीन्यू और टेंपल जैसे डीप-टेक और हेल्थ वेलनेस स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उनके इन वेंचर्स में मानव जीवनकाल बढ़ाने और मस्तिष्क के रक्त प्रवाह की निगरानी जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।
जोमैटो का सफर
दीपेंद्र गोयल ने 2008 में पंकज चड्ढा के साथ मिलकर ज़ोमैटो की स्थापना की थी, जिसे शुरू में ‘फूडीबे’ के नाम से जाना जाता था। उन्होंने हाल ही में एक पॉडकास्ट में यह भी बताया कि पहले भी उन्होंने CEO पद छोड़ने की पेशकश की थी, क्योंकि वे खुद को बड़ी संस्था के CEO के बजाय ‘चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर’ की भूमिका में अधिक सहज महसूस करते हैं।
_1295105757_100x75.jpg)



