Up kiran,Digital Desk : फिल्म 'सत्या' के 'कल्लू मामा' हों या 'जॉली एलएलबी' के 'जज त्रिपाठी', सौरभ शुक्ला ने अपनी सधी हुई अदाकारी से हिंदी सिनेमा में एक अमिट छाप छोड़ी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेशनल अवॉर्ड विजेता इस दिग्गज अभिनेता को एक दौर में अपने करियर से इतनी हताशा हो गई थी कि उन्होंने लोगों से झूठ बोलना शुरू कर दिया था कि वह अभिनेता नहीं बल्कि लेखक हैं? हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सौरभ शुक्ला ने अपने उस मुश्किल दौर और डिप्रेशन के बारे में खुलकर बात की है।
'सत्या' की सफलता के बाद भी मिला 'एक-दो सीन' वाला काम
सौरभ शुक्ला ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में बताया कि 1998 में राम गोपाल वर्मा की मास्टरपीस 'सत्या' की रिलीज के बाद वह रातों-रात मशहूर तो हो गए थे, लेकिन उनके पास आने वाले रोल उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं थे। सौरभ ने कहा, "सत्या के बाद लोग मेरे काम की तारीफ तो कर रहे थे, लेकिन फिल्म मेकर्स मेरे पास महज एक-दो सीन्स वाले रोल लेकर आते थे। मैं उस तरह का काम नहीं करना चाहता था और इसी वजह से मैं काफी परेशान रहने लगा था।"
हताशा में छिपाई अपनी पहचान
करियर में सही 'ड्यू' (हक) न मिलने के कारण सौरभ शुक्ला गहरे डिप्रेशन में चले गए थे। उन्होंने बताया कि उस वक्त उन्होंने एक रक्षात्मक तरीका अपनाया और फिल्म जगत के लोगों से कहना शुरू कर दिया, "भाई, मैं एक्टर नहीं हूं, मैं एक राइटर हूं।" वे नहीं चाहते थे कि लोग उन्हें छोटे-मोटे किरदारों के लिए याद करें, इसलिए उन्होंने अपनी अभिनय की पहचान को ही पीछे धकेलना शुरू कर दिया था।
'बर्फी' और 'जॉली एलएलबी' ने पलटा पासा
सौरभ शुक्ला का यह लंबा संघर्ष और इंतजार साल 2012-13 में खत्म हुआ। इन दो सालों ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
बर्फी (2012): इस फिल्म में पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार में उन्हें खूब सराहा गया।
जॉली एलएलबी (2013): जज सुंदरलाल त्रिपाठी के उनके आईकॉनिक किरदार ने इतिहास रच दिया। इस रोल के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।
फीस में बढ़ोतरी और दर्शकों का प्यार
सौरभ ने मजाकिया लहजे में बताया कि 'जॉली एलएलबी' की सफलता के बाद न केवल उन्हें दर्शकों का बेपनाह प्यार मिला, बल्कि इंडस्ट्री में उनकी फीस भी बढ़ गई। लोग अब उनके पास छोटे रोल्स के बजाय दमदार किरदारों की स्क्रिप्ट लेकर आने लगे। आज सौरभ शुक्ला को इंडस्ट्री के सबसे वर्सटाइल एक्टर्स में गिना जाता है, जो एक्टिंग के साथ-साथ एक बेहतरीन लेखक और निर्देशक भी हैं।




