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Up kiran,Digital Desk : अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन और डिपोर्टेशन नीति को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एजेंट्स (ICE) की कार्रवाई के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों की मौत के बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद व्हाइट हाउस ने साफ संकेत दे दिए हैं कि ट्रंप प्रशासन अपनी नीति से पीछे हटने वाला नहीं है और अभियान जारी रहेगा।

व्हाइट हाउस का दावा— ट्रंप की नीतियों के साथ जनता

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी जनता भारी संख्या में राष्ट्रपति ट्रंप की इमिग्रेशन नीतियों का समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत बॉर्डर और अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग लंबे समय से हो रही है। लेविट के मुताबिक, कई सर्वे यह दिखाते हैं कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है। उन्होंने दोहराया कि ट्रंप अपने वादे से पीछे नहीं हटेंगे और ‘हिंसक व अपराधी अवैध प्रवासियों’ के खिलाफ अभियान लगातार चलता रहेगा।

एलेक्स प्रेटी की मौत पर सरकार की सफाई

यह बयान उस वक्त आया है जब मिनियापोलिस में आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेटी की फेडरल एजेंट्स के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। इससे पहले 7 जनवरी को रैनी गुड नाम की महिला की भी गोली लगने से जान चली गई थी। इन घटनाओं के बाद मिनियापोलिस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए जाने लगे। फेडरल अधिकारियों का दावा है कि प्रेटी को आत्मरक्षा में गोली मारी गई, हालांकि अब तक इस दावे के समर्थन में ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकने के लिए अस्थायी आदेश भी जारी किया है।

व्हाइट हाउस की सफाई— ट्रंप ने आतंकवादी नहीं कहा

इसी बीच कुछ सरकारी अधिकारियों की टिप्पणियों के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि एलेक्स प्रेटी को ‘घरेलू आतंकवादी’ कहा गया है। इस पर व्हाइट हाउस ने साफ इनकार किया। प्रेस सेक्रेटरी लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेटी को कभी आतंकवादी नहीं कहा और वह चाहते हैं कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोई भी नहीं चाहता कि अमेरिका की सड़कों पर किसी निर्दोष की जान जाए।

ट्रंप और मिनेसोटा के गवर्नर में बातचीत

मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत भी हुई। ट्रंप ने कहा कि दोनों एक ही सोच पर हैं और मिलकर हालात सुधारने की कोशिश करेंगे। उन्होंने अपने वरिष्ठ बॉर्डर सुरक्षा अधिकारी टॉम होमन को मिनेसोटा भेजने की घोषणा की। ट्रंप के अनुसार, वॉशिंगटन डीसी, मेम्फिस और न्यू ऑरलियन्स में इस तरह के अभियानों से सकारात्मक नतीजे मिले हैं और मिनेसोटा में भी अपराध को और कम करने का लक्ष्य है।

डेमोक्रेट्स और अटॉर्नी जनरल का विरोध

हालांकि मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘पूरी तरह पागलपन’ करार दिया है। कई कानूनी याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि भारी हथियारों से लैस और नकाबपोश फेडरल एजेंट्स की तैनाती राज्य के अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं, कांग्रेस के डेमोक्रेट सांसदों ने चेतावनी दी है कि यदि इमिग्रेशन नीति में बदलाव नहीं किया गया तो फंडिंग रोकने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।