Up kiran,Digital Desk : उन्नाव दुष्कर्म प्रकरण से जुड़े हिरासत में मौत मामले में सजा काट रहे जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक बार फिर सुनवाई तेज हो गई है। कोर्ट ने जयदीप सेंगर की जमानत तीन महीने बढ़ाने की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को तय की गई है।
हाईकोर्ट ने CBI को जारी किया नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने जयदीप सेंगर की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए CBI से अपना पक्ष रखने को कहा है। जयदीप की मौजूदा अंतरिम जमानत 11 फरवरी को समाप्त हो रही है, ऐसे में यह सुनवाई उनके लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
कैंसर के इलाज के आधार पर मिली थी अंतरिम जमानत
जयदीप सेंगर को पिछले वर्ष 3 जुलाई 2024 को चरण-4 मुंह के कैंसर के इलाज के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। इसके बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अदालत समय-समय पर जमानत की अवधि बढ़ाती रही है। याचिका में जयदीप ने दावा किया है कि उनकी जानलेवा बीमारी के दोबारा उभरने के संकेत मिल रहे हैं और उन्हें लगातार विशेषज्ञ चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता है।
करीब चार साल जेल में बिता चुके हैं जयदीप सेंगर
50 वर्षीय जयदीप सेंगर अब तक लगभग चार साल जेल में बिता चुके हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि गंभीर बीमारी के चलते इलाज में किसी भी तरह की ढील उनकी जान के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए अंतरिम जमानत का विस्तार जरूरी है।
हिरासत में मौत मामले में हुई थी सजा
यह मामला वर्ष 2018 का है, जब उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल को हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस केस में 13 मार्च 2020 को ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सेंगर के भाई जयदीप उर्फ अतुल सेंगर समेत अन्य आरोपियों को 10 साल की कठोर कैद और 10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
कुलदीप सेंगर को मिल चुकी है उम्रकैद
गौरतलब है कि नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। अब जयदीप सेंगर की जमानत बढ़ेगी या नहीं, इस पर सबकी निगाहें 11 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं।




