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Up kiran,Digital Desk : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भविष्य की 'विकसित दिल्ली' का खाका पेश करते हुए राजधानी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली का विकास किसी दूसरे शहर की नकल नहीं होगा, बल्कि राजधानी की अपनी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। सरकार का मुख्य फोकस पानी की आपूर्ति, आधुनिक सीवर सिस्टम, झुग्गी विकास और मजबूत सड़क बुनियादी ढांचे पर है।

जल और सीवर: हर घर तक साफ पानी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक साल में दिल्ली के जल ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं।

पाइपलाइन नेटवर्क: 172 किलोमीटर नई पानी की पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और 833 किलोमीटर सेकेंडरी लाइनों पर काम शुरू हो रहा है।

नए वॉटर प्लांट: चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) का काम अंतिम चरण में है। साथ ही छतरपुर, इरादत नगर और नजफगढ़ में तीन नए WTP की योजना शुरू की गई है।

सीवर सिस्टम: यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 180 किलोमीटर नई सीवर लाइनें बिछाई गई हैं। सरकार का लक्ष्य सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को 814 एमजीडी से बढ़ाकर 1500 एमजीडी तक ले जाना है।

बुनियादी ढांचा: सड़कों का कायाकल्प और नए फ्लाईओवर

दिल्ली की सड़कों को गड्ढा मुक्त और सुंदर बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD) की 550 किलोमीटर सड़कों की 'वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग' का निर्णय लिया गया है।

फ्लाईओवर अपडेट: नंद नगरी फ्लाईओवर जनता को समर्पित किया जा चुका है। बारापुला फ्लाईओवर (जून तक) और मुकरबा चौक अंडरपास (मार्च तक) पूरा करने का लक्ष्य है।

स्मार्ट कनेक्टिविटी: राजधानी के 47 प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण और 40 नए फुटओवर ब्रिज (FOB) बनाने की योजना पर काम जारी है।

पर्यावरण और प्रदूषण: 35 लाख पौधे और ई-बस क्रांति

प्रदूषण के खिलाफ 'युद्ध' स्तर पर तैयारी करते हुए मुख्यमंत्री ने जहरीली हवा और कूड़े के पहाड़ों से निपटने का प्लान साझा किया:

हरित दिल्ली: इस साल 35 लाख स्वदेशी पौधे लगाने का लक्ष्य है।

इलेक्ट्रिक वाहन: दिल्ली की सड़कों पर 4,000 से ज्यादा ई-बसें दौड़ रही हैं और 9,000 से अधिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।

कचरा प्रबंधन: लैंडफिल साइटों से कूड़े के पहाड़ हटाने के लिए बायोमाइनिंग क्षमता बढ़ाकर 35,000 टीपीडी कर दी गई है। नरेला-बवाना में नया वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट भी बनाया जा रहा है।

झुग्गी विकास: 13,000 नए फ्लैट और महिला सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण के मोर्चे पर भी बड़ी घोषणाएं कीं:

पक्के घर: भलस्वा, द्वारका और सुल्तानपुरी जैसे इलाकों में झुग्गीवासियों के लिए 13,000 फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं।

श्रमिक कल्याण: मजदूरों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 22,411 रुपये किया गया है।

पालना केंद्र: कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए दिल्ली में 500 पालना केंद्र खोले गए हैं।

यमुना का कायाकल्प और ड्रेनेज मास्टर प्लान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह साल यमुना की सफाई के नाम रहेगा। सरकार ने 2,400 करोड़ रुपये की लागत से 35 नए विकेंद्रीकृत एसटीपी (STP) लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। साथ ही, दिल्ली के 50 साल पुराने ड्रेनेज सिस्टम को बदलने के लिए 56,000 करोड़ रुपये का नया मास्टर प्लान तैयार किया गया है, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।