केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने न केवल विकास की योजनाओं को गति दी, बल्कि लोक संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जनमानस का उत्साहवर्धन भी किया।
उपमुख्यमंत्री ने महोत्सव में लगाए गए विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और अन्य स्टालों का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने समूहों द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए महिलाओं से सीधा संवाद किया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए, उपमुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के चेक वितरित किए, जो उनके उज्जवल और स्वावलंबी भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निरीक्षण: स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का अवलोकन और महिलाओं से वार्ता, आर्थिक सहयोग: समूह की महिलाओं को विकास हेतु करोड़ों रुपये के चेक का वितरण, सम्मान: कलाकारों और कर्मयोगियों का उपमुख्यमंत्री द्वारा उत्साहवर्धन, सांस्कृतिक एकता: लोकगीतों और संगीत के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश।
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "डबल इंजन की सरकार गरीब, किसान और महिलाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। सरस महोत्सव जैसे आयोजन हमारे स्थानीय हुनर को वैश्विक मंच प्रदान कर रहे हैं।"
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, सांस्कृतिक रंग और जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला।




