Up Kiran,Digital Desk: भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को एक कदम और बढ़ा लिया है, और इस बार यह सफलता एंटी-रेडिएशन मिसाइल "रुद्रम" के रूप में आई है। यह मिसाइल अब भारतीय सेना के arsenal का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जो दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक और रेडिएशन आधारित प्रणालियों के खिलाफ युद्ध की दिशा बदल सकती है। रुद्रम न केवल एक घातक हथियार है, बल्कि इसकी अत्याधुनिक तकनीक और सटीकता इसे युद्ध के मैदान में एक निर्णायक भूमिका निभाने वाली मिसाइल बनाती है।
रुद्रम मिसाइल की खूबी जानिए
रुद्रम एक एंटी-रेडिएशन मिसाइल है, जिसे विशेष रूप से दुश्मन के राडार, संचार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गाइडेड सिस्टम को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मिसाइल अत्याधुनिक सेंसर और उच्च-सटीकता तकनीक से लैस है, जो रेडिएशन का तुरंत पता लगा कर उस पर हमला करती है। इस मिसाइल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किसी भी इलाके या मौसम में दुश्मन के महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क को निशाना बना सकती है, जिससे दुश्मन की कम्युनिकेशन और नियंत्रण प्रणाली पूरी तरह से बेकार हो जाती है।
चीन और पाकिस्तान क्यों चिंतित हैं?
भारत के पास रुद्रम जैसी मिसाइल का होना चीन और पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण बन गया है। इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की लक्षित क्षमता: रुद्रम की सटीकता और रेंज चीन और पाकिस्तान की मिसाइल और राडार प्रणालियों को सीधे खतरे में डालते हैं। इन देशों के अधिकांश रणनीतिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम रुद्रम के निशाने पर हैं।
सटीकता और रेंज: रुद्रम मिसाइल भारतीय सेना के लिए एक स्वदेशी तकनीकी गौरव है। इसकी रेंज 100 से 350 किलोमीटर तक है, जो इसे विभिन्न ऑपरेशनल स्थितियों में प्रभावी बनाती है।
सामरिक शक्ति का विस्तार: रुद्रम मिसाइल ने भारत की एंटी-एयर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इसका सैन्य महत्व न केवल सीमा पर, बल्कि किसी भी गंभीर संघर्ष के दौरान अत्यधिक महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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