Up kiran,Digital Desk : दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग अपने भारत दौरे के दौरान भारतीय कार्यशैली और यहां के 'जुगाड़' (Jugaad) के मुरीद हो गए हैं। सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद राष्ट्रपति ली ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' करार दिया। दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में 15 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
'जुगाड़' और 'ताएदोंग' का संगम दिलाएगा सफलता
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भारतीय 'जुगाड़' की प्रशंसा करते हुए इसे रचनात्मकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा:
जुगाड़: "भारत में कम संसाधनों और बाधाओं के बावजूद नए तरीकों से काम पूरा करने का अद्भुत हुनर है, जिसे जुगाड़ कहा जाता है।"
ताएदोंग (Taedong): "दक्षिण कोरिया के पास 'ताएदोंग' यानी सामुदायिक और साझा विकास की भावना है। यदि भारत का जुगाड़ और कोरिया की यह भावना मिल जाए, तो हम मिलकर विश्व स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करेंगे।"
2030 तक $50 अरब के व्यापार का लक्ष्य
भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है:
व्यापार लक्ष्य: दोनों देशों ने आपसी सालाना व्यापार को 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक ले जाने का फैसला किया है (जो वर्तमान के मुकाबले लगभग दोगुना है)।
समझौता विस्तार: व्यापारिक समझौते (CEPA) को अगले साल तक और अधिक आधुनिक और बेहतर बनाने का वादा किया गया है।
भरोसेमंद दोस्त: राष्ट्रपति ली ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा बाजार और एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बताया।
PM मोदी ने किया 'K-Pop' और 'अयोध्या' का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच 2000 साल पुराने सांस्कृतिक संबंधों को याद किया।
साझा विरासत: पीएम ने अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरियाई राजा किम-सुरो के ऐतिहासिक विवाह का जिक्र किया।
सांस्कृतिक जुड़ाव: भारत में बढ़ते K-Pop और K-Drama के क्रेज के साथ-साथ कोरिया में भारतीय सिनेमा की लोकप्रियता पर खुशी जताई।
फ्रेंडशिप फेस्टिवल: इस जुड़ाव को और प्रगाढ़ करने के लिए साल 2028 में 'भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल' आयोजित करने की घोषणा की गई।
2047 के 'विकसित भारत' पर नजर
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन की सराहना करते हुए कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाला भारत आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का एक अटूट हिस्सा बन गया है। उन्होंने डिजिटल और आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए पुराने तौर-तरीकों को छोड़कर नई यात्रा की शुरुआत करने का आह्वान किया।




