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Up Kiran,Digital Desk : गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत की रक्षा ताकत और स्वदेशी तकनीकी विकास की अहमियत को समझना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह दिन न केवल भारतीय संविधान का सम्मान है, बल्कि यह देश की रणनीतिक शक्ति और सुरक्षा प्रणाली को भी रेखांकित करने का अवसर है। खासकर, भारत द्वारा विकसित मिसाइल प्रणालियाँ देश की रक्षा के अहम स्तंभों में से एक बन चुकी हैं। इन मिसाइलों ने ना केवल सैन्य बलों को मजबूती दी है, बल्कि भारत को एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।

अग्नि-V: इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की ताकत

अग्नि-V, भारत की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM), इस समय दुनिया की सबसे प्रभावशाली मिसाइल प्रणालियों में से एक है। 5,000 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता के साथ यह मिसाइल बेहद शक्तिशाली है। माख 5 की गति से उड़ने वाली यह मिसाइल MIRV (Multiple Independently targetable Reentry Vehicle) तकनीक से लैस है, जिससे यह एक बार में कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। इसकी परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता इसे केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया और यूरोप में एक प्रमुख रक्षा हथियार बनाती है।

अग्नि-IV: एक और कदम भारत की मिसाइल शक्ति में

अग्नि-IV, जो 4,000 किलोमीटर तक अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है, भारत के मिसाइल कार्यक्रम की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह मिसाइल भी MIRV तकनीक से लैस है और माख 4 की रफ्तार से उड़ान भर सकती है। इसकी मदद से भारत अपने सामरिक सुरक्षा लक्ष्य को मजबूत कर रहा है और देश के प्रति कोई भी सुरक्षा चुनौती को प्रभावी रूप से नकारने की क्षमता रखता है।

शौर्य: हाइपरसोनिक मिसाइल से सुरक्षा में नई क्रांति

भारत की शौर्य मिसाइल एक हाइपरसोनिक सतह-से-सतह मिसाइल है, जो रेंज में 700 से 800 किमी तक जाती है। माख 7 तक की गति से यह मिसाइल दुश्मन की कई योजनाओं को धराशायी करने में सक्षम है। इसकी खासियत यह है कि इसे कैनिस्टर से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे इसकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। यह मिसाइल देश की सुरक्षा में एक और ताकतवर जोड़ है।

ब्रह्मोस: भारत-रूस की साझेदारी का जबरदस्त परिणाम

भारत और रूस के सहयोग से बनी ब्रह्मोस मिसाइल, एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो 300 किलोमीटर की रेंज तक अपनी सटीकता से शत्रु के ठिकानों को नष्ट कर सकती है। यह मिसाइल किसी भी प्लेटफॉर्म से, चाहे वह जमीन हो, समुद्र हो या हवा, लॉन्च की जा सकती है। इसकी गति माख 2.8 से माख 3 के बीच है, जिससे यह समय पर हमला करने और दुश्मन को चकमा देने में सक्षम है।

पृथ्वी श्रृंखला: भारतीय सेना के लिए रणनीतिक विकल्प

पृथ्वी श्रृंखला भारत की पहली स्वदेशी सबसोनिक मिसाइल श्रृंखला है, जिसमें पृथ्वी-I, II और III शामिल हैं। इन मिसाइलों की रेंज 150 से 350 किलोमीटर तक है, और ये त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए बनाए गए हैं। युद्ध क्षेत्र में इन मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय सेना को एक रणनीतिक और सशस्त्र विकल्प प्रदान करता है, जिससे युद्ध की परिस्थितियों में यह प्रभावी हथियार साबित होती हैं।

आकाश

भारत का आकाश मिसाइल प्रणाली एक उन्नत, मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल है, जिसे DRDO द्वारा विकसित किया गया है। इसकी रेंज 30 किलोमीटर तक है और यह विमान, क्रूज मिसाइल और UAV जैसे हवाई खतरों से प्रभावी रक्षा करती है। एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता रखने वाली यह मिसाइल भारत की वायु रक्षा के लिए एक मजबूत कवच है।