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Up kiran,Digital Desk : अयोध्या में राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत होकर अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एक नौकरीपेशा कर्मचारी हैं और अपने जीवन के लिए इस सरकार पर निर्भर हैं, इसलिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां उनके लिए सहनीय नहीं थीं।

प्रशांत सिंह ने क्यों दिया इस्तीफा

प्रशांत सिंह ने कहा कि वे राज्य कर विभाग में कार्यरत हैं और मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए पद पर हैं।
उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से लगातार अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही थीं, जो न केवल अधिकारियों को बल्कि आम नागरिकों को भी आहत कर रही हैं। उन्होंने कहा, “मैं सरकार का कर्मचारी हूं, मेरा बॉस मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में जब सरकार के मुखिया का अपमान होता है, तो मैं विरोध दर्ज कराऊँ।”

शंकराचार्य पर आरोप: लोगों को बरगलाना

प्रशांत सिंह ने शंकराचार्य पर आरोप लगाया कि वे लोगों को भड़काकर इस्तीफा दिलवा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने सरकार के विरोध में इस्तीफा दिया, जिस पर शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें धर्म के क्षेत्र में बड़ा पद दिया जाएगा। प्रशांत सिंह ने इसे गलत और गैर-जिम्मेदाराना बताया।

प्रशांत सिंह की अपील

प्रशांत सिंह ने कहा कि देश और समाज को चुने हुए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री चलाते हैं। ऐसे में उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सरकार के सेवक हैं, हमारे वाहन पर उत्तर प्रदेश शासन लिखा है। जब मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का अपमान होता है, तो हम भी आहत होते हैं।”