Up kiran,Digital Desk : सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोना गुमशुदगी मामले में जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विशेष जांच टीम (SIT) ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम स्थित क्राइम ब्रांच मुख्यालय में यूडीएफ संयोजक और कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश से लंबी पूछताछ की। नोटिस मिलने के बाद अदूर प्रकाश सुबह मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे करीब ढाई घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। इस कार्रवाई के साथ ही मामला एक बार फिर केरल की राजनीति के केंद्र में आ गया है।
नोटिस के बाद क्राइम ब्रांच मुख्यालय पहुंचे अदूर प्रकाश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, SIT के नोटिस पर अदूर प्रकाश निर्धारित समय पर क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे। टीम ने उनसे सबरीमाला सोना गुमशुदगी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली। पूछताछ के बाद दोपहर करीब एक बजे वह कार्यालय से बाहर निकले। इसी मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, जिन्हें हाल ही में वैधानिक जमानत मिली है, से भी SIT अलग से पूछताछ कर चुकी है।
पूछताछ के बाद अदूर प्रकाश का बयान
मीडिया से बातचीत में अदूर प्रकाश ने बताया कि वह शुक्रवार को कासरगोड से लौटे थे, तभी SIT ने उनसे कुछ स्पष्टीकरण मांगे। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के निर्देश के अनुसार वह आज उपस्थित हुए और सभी सवालों के स्पष्ट जवाब दिए। अदूर प्रकाश ने यह भी स्वीकार किया कि पूछताछ के दौरान उन्नीकृष्णन पोट्टी से उनके संबंधों को लेकर चर्चा हुई और सभी जानकारियां SIT को दी गईं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि किसी भी तरह के वित्तीय लेनदेन से जुड़े सवाल उनसे नहीं पूछे गए।
राजनीतिक मंशा से इनकार, अकेले हुई पूछताछ
अदूर प्रकाश ने स्पष्ट कहा कि पूछताछ पोट्टी की मौजूदगी में नहीं हुई और SIT की कार्रवाई के पीछे किसी राजनीतिक दबाव या मंशा की बात गलत है। उनका कहना है कि जांच एजेंसी अपना काम कर रही है और वह सहयोग कर रहे हैं।
तस्वीर सामने आने के बाद तेज हुए आरोप-प्रत्यारोप
यह मामला उस समय और गरमा गया, जब एलडीएफ ने अदूर प्रकाश पर आरोप लगाए। आरोपों की वजह एक तस्वीर बनी, जिसमें अदूर प्रकाश और मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात करते दिखाई दिए थे। इस पर सफाई देते हुए अदूर प्रकाश ने कहा कि वह पोट्टी को लंबे समय से जानते हैं और उनके कई सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, लेकिन सबरीमाला सोना गुमशुदगी से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पोट्टी को अपने संसदीय क्षेत्र का निवासी और एक अयप्पा भक्त बताया।
कांग्रेस का पक्ष: कानून अपना काम करे
कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि SIT को किसी से भी पूछताछ करने की पूरी स्वतंत्रता है और कानून को अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि केरल की जनता जानती है कि सबरीमाला से सोना किसने गायब किया और किसे बचाने की कोशिश हो रही है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में सच्चाई सामने आ जाएगी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित SIT कर रही जांच
गौरतलब है कि केरल हाईकोर्ट के आदेश पर गठित SIT सबरीमाला मंदिर से जुड़े दो मामलों की जांच कर रही है, जिनमें द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल यानी गर्भगृह के दरवाजों से सोना गायब होने के आरोप हैं। अब तक इस केस में 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें CPI(M) से जुड़े त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के दो पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं।
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