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Up kiran,Digital Desk : सोमवार सुबह इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग सिडनी पहुंचे। चार दिन के इस दौरे के दौरान उनका उद्देश्य पिछले साल दिसंबर में बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले यहूदी समुदाय का हौसला बढ़ाना और उनसे एकजुटता दिखाना है। हर्जोग ऑस्ट्रेलियाई नेताओं और बड़े समुदायिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।

दौरे को लेकर विरोध और विवाद
हालांकि, इस यात्रा को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है। फलस्तीन मुद्दे को लेकर इस्राइल की नीतियों के विरोध में कई ऑस्ट्रेलियाई संगठनों और लोगों ने हर्जोग के दौरे का विरोध शुरू कर दिया है। एक हजार से अधिक यहूदियों ने खुला पत्र लिखकर कहा कि राष्ट्रपति का स्वागत नहीं किया जाना चाहिए। कैनबरा और मेलबर्न समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन की योजना है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सिडनी में सोमवार शाम शहर के बीचों-बीच रैली और मार्च निकालने की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर न्यू साउथ वेल्स राज्य में 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें करीब 500 पुलिसकर्मी विशेष रूप से प्रस्तावित प्रदर्शनों की सुरक्षा के लिए लगे हैं।

बॉन्डी बीच हमला: दौरे का कारण
14 दिसंबर को सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार के दौरान हुई सामूहिक गोलीबारी इस दौरे के पीछे मुख्य कारण है। इस हमले में 16 लोगों की मौत हुई थी और ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इसे आतंकवादी हमला बताया था, जो चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट की सोच से प्रेरित था।

मुख्य कार्यक्रम और बैठकें
हर्जोग अपने दौरे में ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल और प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर यहूदी समुदाय के नेताओं से मुलाकात करेंगे और बड़े सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, उनकी ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात होने की संभावना है।