Up Kiran, Digital Desk: जोधपुर जिले के एक छोटे से गांव में बिजली चोरी रोकने की कोशिश कर रहे डिस्कॉम कर्मचारियों पर हमला हो गया। यह घटना न केवल कानून की अवमानना का उदाहरण बनी, बल्कि इसके बाद गांव में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावरों को कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से हमला करते देखा जा सकता है। इस हमले के बाद पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
क्या था पूरा मामला?
कर्मचारी बिजली चोरी की जांच कर रहे थे जब हुआ हमला
यह घटना जोधपुर जिले के झीपासनी गांव की है, जहां डिस्कॉम टीम बिजली चोरी की जांच के लिए गई थी। कनिष्ठ अभियंता कमल किशोर भाटी और उनकी टीम को अधिकारियों द्वारा गांव में सतर्कता जांच के लिए भेजा गया था। टीम जब धन्नाराम जाट के घर पहुंची, तब उनके खिलाफ बिजली चोरी की शिकायत मिली थी। जैसे ही जांच शुरू हुई और मीटर व केबल जब्त करने की कार्रवाई की गई, आरोपियों ने आपत्ति जताई।
धन्नाराम और उनके परिवार के अन्य सदस्य – उनके भाई, पत्नी और पुत्रवधू – ने कर्मचारियों के काम में रुकावट डालना शुरू कर दिया। कर्मचारियों द्वारा समझाने का प्रयास करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर लाठी और डंडों से मारपीट करने लगे। इस अचानक हुए हमले से डरकर डिस्कॉम टीम के सदस्य वहां से भागने पर मजबूर हो गए।
हमला सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं था
महिलाओं का भी था इसमें हाथ
इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात यह रही कि हमले में केवल पुरुषों ने ही नहीं, बल्कि महिलाओं ने भी लाठी और लकड़ी के डंडों का इस्तेमाल किया। यह घटना दर्शाती है कि इस तरह के हिंसक व्यवहार में सिर्फ पुरुषों का ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार का शामिल होना एक गंभीर चिंता का विषय है। कर्मचारियों ने हमले के समय पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब पुलिस के पास सबूत के तौर पर मौजूद है।




