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Up Kiran, Digital Desk: भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम की नई घोषणा आज सामने आई, और इसके साथ ही कई बड़े नामों की गैर-मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। इंग्लैंड दौरे पर नजर आए छह खिलाड़ियों को अलग-अलग कारणों से बाहर कर दिया गया है।  इनमें एक नाम करुण नायर का भी है, जिनकी वापसी की उम्मीद अब शायद सिर्फ़ एक सपना रह जाए।

करुण नायर, जो कभी तिहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आए थे, हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर खेले थे लेकिन प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। पाँच टेस्ट मैचों में आठ पारियां खेलीं और सिर्फ़ एक अर्धशतक बना सके। कुल 205 रन, औसत 25.62  यह आंकड़े किसी को भी प्रभावित नहीं कर सके।

टीम चयन के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से नायर की अनुपस्थिति पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बिना शब्दों को घुमा-फिराकर साफ़ कह दिया कि टीम मैनेजमेंट को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी।

अगरकर ने कहा,

हम करुण से और बेहतर की उम्मीद कर रहे थे। सिर्फ़ एक पारी के भरोसे कोई खिलाड़ी टीम में नहीं बना रह सकता। इस वक्त देवदत्त पडिक्कल जैसे खिलाड़ी ज़्यादा बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में हर खिलाड़ी को 15-20 मौके देना संभव नहीं है। इस टिप्पणी ने यह संकेत जरूर दे दिया कि करुण नायर के लिए अब टीम इंडिया के दरवाज़े शायद हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं।

अय्यर ने लिया ब्रेक, फिटनेस बनी सबसे बड़ी चुनौती

इस बीच, एक और बड़ा नाम टीम से बाहर है श्रेयस अय्यर। बीसीसीआई ने इस बात की पुष्टि की है कि अय्यर ने रेड बॉल क्रिकेट से छह महीने का ब्रेक लिया है। ब्रिटेन में सर्जरी के बाद भी पीठ की तकलीफें उन्हें पूरी तरह से फिट नहीं होने दे रही हैं।

इस विषय पर बोलते हुए अगरकर ने कहा,श्रेयस न सिर्फ़ सीनियर खिलाड़ी हैं बल्कि लीडरशिप क्वालिटी भी रखते हैं। वह इंडिया ए के कप्तान रह चुके हैं, और ऐसे खिलाड़ियों की हमें ज़रूरत है। लेकिन जब फिटनेस साथ नहीं दे रही हो, तो सबसे ज़रूरी यही है कि वह पहले पूरी तरह से ठीक हों और फिर मैदान पर लौटें।

क्या नायर का करियर अब खत्म मान लिया जाए?

करुण नायर को लेकर अगरकर की सख्त टिप्पणियां साफ़ संकेत देती हैं कि अब चयनकर्ता उनकी ओर दोबारा नहीं देख रहे। पडिक्कल जैसे युवा बल्लेबाज़ फॉर्म में हैं और चयनकर्ता भविष्य की ओर देख रहे हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि करुण नायर को दोबारा टीम इंडिया की टेस्ट जर्सी पहनने का मौका मिलना अब बेहद मुश्किल नजर आ रहा है।