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Up Kiran,Digital Desk : राजद में इस वक्त एक बड़े राजनीतिक बदलाव की बुनियाद रखी जा रही है, जो पार्टी की भविष्यवाणी और रणनीति पर असर डाल सकता है। रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने की घोषणा हो सकती है। यह कदम इस बात का संकेत देता है कि पार्टी के अंदर अब एक नया युग शुरू होने वाला है, जिसमें तेजस्वी यादव का नेतृत्व अहम भूमिका निभा सकता है।

लालू प्रसाद के स्वास्थ्य को देखते हुए नेतृत्व का बदलाव

लालू प्रसाद यादव, जो पार्टी के प्रमुख चेहरे रहे हैं, उनका स्वास्थ्य दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है। उनकी सार्वजनिक गतिविधियां कम हो गई हैं और वह डॉक्टरों की सलाह पर ही अपने कामकाज में हिस्सा लेते हैं। इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए पार्टी को नेतृत्व में बदलाव की आवश्यकता महसूस हुई है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव के नाम पर मुहर लगने के बाद यह साफ हो जाएगा कि पार्टी के अंदर अब एक नया नेतृत्व आकार ले रहा है। हालांकि, कुछ नेताओं की ओर से डॉ. मीसा भारती को भी इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय लालू प्रसाद के हाथ में होगा।

सदस्यों की भागीदारी और पार्टी की आगे की रणनीति

पटना के एक होटल में होने वाली इस बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य शामिल होंगे। यह बैठक पार्टी के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकती है क्योंकि इसमें पार्टी की भविष्यवाणी और रणनीतियों को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक के उद्घाटन की जिम्मेदारी लालू प्रसाद पर होगी, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह इस दौरान केवल कुछ ही घंटों के लिए उपस्थित रहेंगे।

बैठक में पार्टी की आगामी चुनावी रणनीतियों, पार्टी की कार्यप्रणाली, और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर गहरी चर्चा होगी। साथ ही, आगामी चुनावों में दल के भीतर विरोधी गतिविधियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।