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Up Kiran,Digital Desk दिल्ली पुलिस ने अमेरिका स्थित खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े एक स्लीपर सेल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गुरपतवंत सिंह पन्नू प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का प्रमुख है। ये गिरफ्तारियां गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले दिल्ली में दो अलग-अलग स्थानों पर विवादित और भड़काऊ पंक्तियाँ लिखे जाने की घटना के सिलसिले में की गई हैं। आरोप है कि इनका मकसद शांति भंग करना और दहशत फैलाना था।

जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि पूरी साजिश कनाडा से रची गई थी। पन्नू के एक करीबी सहयोगी, जो फिलहाल वहीं रह रहा है, ने दिल्ली में इस योजना को अंजाम देने के लिए बलजिंदर और रोहित उर्फ ​​कीरत नाम के दो लोगों को काम पर रखा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों को सार्वजनिक स्थानों पर आपत्तिजनक संदेश लिखने के लिए दो लाख रुपये का लालच दिया गया था। उन्होंने आगे बताया कि बलजिंदर दिल्ली में एम्बुलेंस चालक का काम करता है और रोहित उसका सहयोगी है। 

गणतंत्र दिवस से पहले मुख्य साजिशकर्ता कनाडा भाग गया।

पुलिस ने बताया कि तिलक नगर में रहने वाला इस ऑपरेशन का मुख्य सूत्रधार गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले कनाडा चला गया था। वह पन्नू के सीधे संपर्क में था और विदेशों में मौजूद अपने सहयोगियों के माध्यम से पूरे ऑपरेशन का समन्वय कर रहा था। पुलिस टीमें अब पन्नू के अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही हैं, जिन्होंने इस व्यापक साजिश में भूमिका निभाई हो सकती है।

पन्नून के खिलाफ एफआईआर

सीएनएन न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, गणतंत्र दिवस 2026 से पहले दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने राष्ट्रीय राजधानी में शांति भंग करने के उद्देश्य से कथित तौर पर धमकी देने के आरोप में पन्नू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 197, 152 और 61 के तहत दर्ज किया गया है, जो शत्रुता को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने, भारत की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाले कृत्यों और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं। जांचकर्ता पन्नू द्वारा पहले जारी किए गए एक वीडियो की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें उसने दावा किया था कि उसके "स्लीपर सेल" ने दिल्ली के रोहिणी और डाबरी इलाकों में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाए थे। पुलिस चल रही जांच के तहत इन दावों की प्रामाणिकता की पुष्टि कर रही है।