
waqf amendment bill 2025: लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के पास होने के बाद बिहार में वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों ने नया मोड़ ले लिया है। सूबे में सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड के पास मौजूद तीन हजार से ज्यादा संपत्तियों में से कई पहले से ही कानूनी पचड़ों में फंसी हैं और अब इस बिल के बाद इन विवादों में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
वक्फ ट्रिब्यूनल और पटना हाई कोर्ट में इन संपत्तियों से जुड़े मामले लंबित हैं। वहीं खानकाह मुनौमिया, इमारत-ए-शरिया और अन्य मुस्लिम संगठनों ने बिल के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इन संगठनों का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग का रास्ता खोल सकता है और अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों पर कुठाराघात है।
बिहार में सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास करीब 2,900 संपत्तियां हैं, जबकि शिया वक्फ बोर्ड 327 संपत्तियों का प्रबंधन करता है। इनमें मस्जिदें, दरगाहें, कब्रिस्तान और अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं। लेकिन इनमें से कई संपत्तियों पर मालिकाना हक और अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहे हैं। कुछ मामलों में तो स्थानीय लोग और वक्फ बोर्ड के बीच टकराव भी देखा गया है। वक्फ ट्रिब्यूनल में 40,000 से अधिक मामले पूरे देश में लंबित हैं, और बिहार भी इससे अछूता नहीं है। पटना हाई कोर्ट में भी कई संपत्तियों के मालिकाना हक को लेकर सुनवाई जारी है।
वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा में पास होने के बाद बिहार में मुस्लिम संगठनों ने इसे 'वक्फ संपत्तियों पर सरकारी कब्जे की साजिश' करार दिया है।
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