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Up Kiran, Digital Desk: बिहार सरकार ने शुक्रवार को राज्य पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 71 अफसरों के तबादले किए हैं। इन बदलावों में पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण), तीन अपर पुलिस महानिदेशक और 14 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) की पोस्टिंग शामिल है। इस कदम से पुलिस विभाग में कार्यों के प्रबंधन में बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

नए और प्रभावी नेतृत्व की ओर कदम

राज्य गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रीता वर्मा, जो पहले पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) के पद पर कार्यरत थीं, अब बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक के रूप में काम करेंगी। वहीं, कुंदन कृष्णन को विशेष कार्य बल (STF) का पुलिस महानिदेशक (अभियान) बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें विशेष शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। यह बदलाव पुलिस की कार्यप्रणाली में तेज़ी और बेहतर समन्वय लाने के उद्देश्य से किए गए हैं।

स्ट्रेटजिक स्थानांतरण से बेहतर संचालन की उम्मीद

इस फेरबदल के तहत कई जिलों में नए पुलिस अधीक्षक और उप महानिरीक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग में सुधार लाने में मदद करेंगे। उदाहरण के तौर पर, गया जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार को अब पुलिस उप महानिरीक्षक (विधि व्यवस्था, पटना) का जिम्मा सौंपा गया है। इसी तरह, सारण जिले के पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष को पुलिस उप महानिरीक्षक (कोसी क्षेत्र) के पद पर नियुक्त किया गया है। यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता में सुधार लाने और अपराध नियंत्रण में मददगार साबित हो सकते हैं।

अधिकारियों के बदलाव के सामाजिक असर

इन नए पदस्थापनों का असर सिर्फ पुलिस महकमे तक सीमित नहीं रहेगा। विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षकों की नई जिम्मेदारियां निश्चित रूप से जनता की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करेंगी। पुलिस अधीक्षकों और उप महानिरीक्षकों की कार्यकुशलता से आम लोगों के बीच विश्वास बढ़ेगा, जबकि अपराधियों में डर पैदा होगा। साथ ही, राज्य में बढ़ती अपराध दर के बीच, प्रशासनिक बदलावों से स्थिति को संभालने में मदद मिलेगी।

नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार पुलिस अधिकारी

यह फेरबदल पुलिस महकमे के अधिकारियों को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। विशेष रूप से, कमज़ोर वर्गों के प्रति अपराधियों के बढ़ते हमलों के बीच, अमित कुमार जैन को मद्यनिषेध और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस कदम से राज्य में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और शराबबंदी जैसे मुद्दों को और प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने की उम्मीद जताई जा रही है।