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Up Kiran, Digital Desk: मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है, जो न केवल मौसम के बदलाव को दर्शाता है, बल्कि यह जीवन में नयी ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार भी करता है। खासकर साल 2026 में मकर संक्रांति का पर्व विशेष खगोलीय घटनाओं के साथ आएगा, जिससे इसके महत्व में और भी इजाफा होगा। यह अवसर एक नई शुरुआत का प्रतीक है, और इस दिन किए गए कुछ सरल वास्तु उपाय घर में सुख-समृद्धि और शांति ला सकते हैं।

वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार का महत्व
घर का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र में सबसे अहम माना जाता है। यह वह स्थान है, जहाँ से लक्ष्मी माता का आगमन होता है। मकर संक्रांति के दिन, विशेष रूप से इस द्वार की सफाई करना और उसे सकारात्मक ऊर्जा से भरना आवश्यक है। घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के ताजे पत्तों से वंदनवार लगाने से घर में नकारात्मकता का प्रवेश रुकता है। साथ ही, स्वास्तिक के प्रतीक को हल्दी और कुमकुम से बनाना भी घर में समृद्धि और शांति का माहौल बनाता है।

ईशान कोण की शुद्धि
वास्तु के अनुसार, घर का उत्तर-पूर्वी कोना, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, देवताओं का स्थान माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन इस दिशा को शुद्ध करना विशेष लाभकारी होता है। इस दिशा में कबाड़ या भारी सामान हटाकर, एक तांबे के बर्तन में साफ जल रखें और उसमें गुलाब की पंखुड़ियां डालें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और घर के सदस्य मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं। इस दिशा में सूर्य देव को जल अर्पित करने से घर में मान-सम्मान और समृद्धि भी बढ़ती है।

रसोई में ताजगी और ऊर्जा का संचार
मकर संक्रांति, फसलों के उत्सव के रूप में मनाई जाती है। ऐसे में रसोई का वास्तु भी इस दिन विशेष महत्व रखता है। रसोई में अन्न का भंडार कभी खाली नहीं रखना चाहिए। इस दिन रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने की सफाई करें और वहां काले और सफेद तिल से भरा एक मिट्टी का पात्र रखें। तिल को ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और इससे रसोई में अन्न-धन की कमी नहीं होती। यह उपाय घर में सुख-समृद्धि और अन्नपूर्णा के आशीर्वाद का मार्ग खोलता है।

नकारात्मक ऊर्जा का निवारण
वास्तु के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन घर की सफाई करना और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए पोंछे के पानी में सेंधा नमक मिलाकर पूरे घर की सफाई करें। इसके बाद घर के कोनों में गंगाजल छिड़कें। सेंधा नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता रखता है, और इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है। इस दिन शाम के समय घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में दीपक जलाने से पितृ दोष भी समाप्त होते हैं।

धन की दिशा: उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र या मनी प्लांट
कुबेर, धन के देवता माने जाते हैं और उनकी दिशा उत्तर मानी जाती है। मकर संक्रांति के दिन इस दिशा को सक्रिय करना आर्थिक समृद्धि के द्वार खोल सकता है। यदि आप आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तो उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करें या वहां मनी प्लांट रखें। सूर्योदय के साथ उत्तर दिशा में सक्रिय ऊर्जा का प्रवाह होता है, जो आपके आर्थिक हालात को सुधार सकता है और फंसा हुआ धन वापस मिलने के आसार बढ़ा सकता है।