UP Kiran,Digital Desk: कैंसर की पहचान शुरुआत में करना अक्सर कठिन हो सकता है, क्योंकि इसके लक्षण आमतौर पर हल्की बीमारियों के जैसे होते हैं, जिन्हें लोग सामान्य समझकर नज़रअंदाज कर देते हैं। मगर यदि कोई समस्या समय के साथ बढ़ रही है, तो इसे गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। अक्सर कैंसर के लक्षण शरीर में पहले से दिखाई देने लगते हैं, और यदि इन संकेतों पर ध्यान दिया जाए, तो इसका इलाज आसान हो सकता है और जीवन को बचाया जा सकता है। आइए जानते हैं उन लक्षणों के बारे में, जो कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
थकान का लगातार बने रहना
अगर शरीर को पर्याप्त नींद और पौष्टिक आहार के बावजूद भी लगातार थकान महसूस हो और कमजोरी कई दिनों तक बनी रहे, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली थकावट ब्लड कैंसर जैसे ल्यूकेमिया का संकेत हो सकती है। यह लक्षण छोटी-मोटी थकान से अलग होता है और नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
बिना कारण वजन का कम होना
अगर बिना किसी विशेष आहार या व्यायाम के अचानक 5 से 10 किलो वजन घटने लगे, तो इसे हल्के में न लें। ये पेट, फेफड़े, आंतों या पैंक्रियास में होने वाले कैंसर का लक्षण हो सकता है। शरीर का अनायास वजन घटना हमेशा एक गंभीर समस्या हो सकती है, जो समय रहते जांच की मांग करती है।
मल-मूत्र की आदतों में बदलाव
अगर आपको लगातार कब्ज, दस्त या मल या पेशाब में खून आना जैसी समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो यह कोलन, प्रोस्टेट या ब्लैडर कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। पेशाब करते समय जलन होना भी इस दिशा में एक संकेत हो सकता है। यदि ऐसी समस्याएं लगातार हो रही हैं, तो तुरंत मेडिकल जांच करवाना जरूरी है।
निगलने में परेशानी
यदि खाना या पानी निगलने में कठिनाई हो, और साथ ही सीने में जलन या लंबे समय तक अपच की समस्या बनी रहती है, तो यह गले, पेट या भोजन नली के कैंसर का संकेत हो सकता है। इस प्रकार की समस्याओं को नजरअंदाज करना जीवन के लिए खतरे की घंटी हो सकता है।
खांसी का लंबे समय तक बने रहना
यदि खांसी लंबे समय तक ठीक न हो, गला सूखा महसूस हो या खांसते समय खून आए, तो यह सिर्फ एक सामान्य इंफेक्शन नहीं हो सकता, बल्कि यह फेफड़े, गले या थायरॉयड कैंसर का संकेत हो सकता है। इस तरह की खांसी को गंभीरता से लेना जरूरी है।
त्वचा में बदलाव
त्वचा पर नए तिल का बनना या पुराने तिल का रंग और आकार बदलना, साथ ही किसी गांठ का उभरना या सूजन का होना, स्किन कैंसर या आंतरिक कैंसर के संकेत हो सकते हैं। किसी भी असामान्य त्वचा परिवर्तन को नजरअंदाज न करें, खासकर गर्दन, बगल या जांघों में कठोर गांठों को।
स्तन में बदलाव
स्तन में गांठ का बनना, दर्द, निप्पल से डिस्चार्ज होना या निप्पल के आकार और रंग में बदलाव भी ब्रेस्ट कैंसर के संकेत हो सकते हैं। यह बदलाव पुरुषों में भी हो सकता है, इसलिए इस स्थिति में जांच कराना जरूरी है।
शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द
अगर पीठ, कमर, घुटने या हड्डियों में दर्द लंबे समय तक बना रहे और दवाइयों से भी राहत न मिले, तो यह हड्डी, अंडाशय या पैंक्रियास कैंसर से संबंधित हो सकता है। इस तरह के दर्द को नजरअंदाज करना जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।
रात में पसीना, बुखार और बार-बार संक्रमण
अगर आपको लगातार बुखार, रात के समय अत्यधिक पसीना आना, या बार-बार संक्रमण का सामना करना पड़ रहा है, तो यह कमजोर इम्यून सिस्टम का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण लिम्फोमा या ल्यूकेमिया जैसे कैंसर से जुड़ी समस्याओं की ओर इशारा करते हैं।
_1408935244_100x75.png)
_1496622266_100x75.png)

_389900139_100x75.png)
