Up kiran,Digital Desk : वृंदावन के केशीघाट पर शुक्रवार को हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को यमुना नदी में जारी सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और श्रद्धालुओं के शव मिलने से मरने वालों की कुल संख्या अब 15 हो गई है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें पिछले तीन दिनों से लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। सोमवार को बरामद शवों की पहचान मोनिका और यश भल्ला के रूप में हुई है।
केशीघाट से गोकुल बैराज तक चला सघन सर्च ऑपरेशन
हादसे के बाद से ही पुलिस प्रशासन और बचाव दल मुस्तैद हैं। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि सोमवार सुबह 6 बजे से ही केशीघाट से गोकुल बैराज तक के क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटकर तलाशी अभियान शुरू किया गया था। सुबह करीब 8 बजे बंगाली घाट के पास से मोनिका और देवराहा बाबा आश्रम के समीप से यश भल्ला का शव बरामद हुआ। तीन दिनों तक पानी में रहने के कारण शव काफी फूल गए थे। शिनाख्त के बाद शवों को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
पिता को मिली बेटे की 'आखिरी निशानी', रो पड़ा हर कोई
इस हादसे के बीच एक बेहद भावुक कर देने वाला पल तब आया जब बचाव टीम ने यमुना से एक ढोलक बरामद की। यह ढोलक मृतक यश भल्ला (युवराज) की थी, जिस पर थाप देकर वह अक्सर भक्ति में डूब जाया करता था। सोमवार को जब पुलिस प्रशासन ने यह ढोलक यश के पिता राकेश भल्ला को सौंपी, तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। बेटे की यादों के रूप में बची इस आखिरी निशानी ने मौके पर मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
अब भी एक श्रद्धालु लापता, कल फिर चलेगा अभियान
हादसे में शामिल श्रद्धालुओं में से अब भी एक युवक, पंकज मलहोत्रा, लापता है। सोमवार देर शाम तक ड्रोन कैमरों और गोताखोरों की मदद से उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। प्रशासन ने तय किया है कि मंगलवार सुबह से पंकज की तलाश में दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
हादसे की यादें: शुक्रवार दोपहर 3 बजे थमी थी सांसें
ज्ञात हो कि शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे वृंदावन के केशीघाट के सामने एक मोटरबोट अनियंत्रित होकर यमुना में डूब गई थी। इस नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिनमें से अधिकांश श्रद्धालु लुधियाना (पंजाब) के रहने वाले थे। अब तक मिले 13 शवों को प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद नि:शुल्क एम्बुलेंस की मदद से उनके पैतृक निवास तक पहुंचा दिया है।




