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Up kiran,Digital Desk : राजधानी लखनऊ के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। चारबाग से बसंतकुंज तक प्रस्तावित लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (East-West Corridor) के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। ब्रिक्स देशों के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लोन देने पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस फंड के मिलते ही शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में मेट्रो दौड़ने का सपना जल्द हकीकत बनेगा।

परियोजना की लागत और फंडिंग का गणित

ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की कुल अनुमानित लागत ₹5801.05 करोड़ है। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के अनुसार, न्यू डेवलपमेंट बैंक परियोजना की कुल लागत का 50% हिस्सा यानी ₹2883.93 करोड़ लोन के रूप में देगा। शेष राशि का प्रबंध केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 50-50 प्रतिशत (लगभग ₹1446-1446 करोड़) की भागीदारी से किया जाएगा।

इससे पहले मेट्रो के प्रथम चरण के लिए 'यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक' (UIB) से कर्ज लिया गया था, लेकिन वर्तमान में उसकी ब्याज दरें अधिक होने के कारण इस बार NDB को चुना गया है।

इन 5 एलिवेटेड स्टेशनों पर सबसे पहले शुरू होगा काम

लोन की प्रक्रिया पूरी होते ही (जिसमें करीब 2 महीने का समय लगेगा) निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू होगा। पहले चरण में 5 एलिवेटेड स्टेशनों का ढांचा तैयार किया जाएगा:

ठाकुरगंज

बालागंज

सरफराजगंज

मूसाबाग

बसंतकुंज

ठाकुरगंज से बसंतकुंज तक लगभग 4.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वायडक्ट और डिपो कनेक्टिविटी के लिए रैंप का निर्माण किया जाएगा।

कैसा होगा नया कॉरिडोर? 12 स्टेशनों का पूरा रूट

यह नया कॉरिडोर कुल 11.16 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें कुल 12 स्टेशन होंगे। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह पुराने लखनऊ के भीड़भाड़ वाले इलाकों को कनेक्टिविटी देगा।

एलिवेटेड स्टेशन (5): ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज।

अंडरग्राउंड स्टेशन (7): नवाबगंज, मेडिकल चौराहा, सिटी रेलवे स्टेशन, पांडेयगंज, अमीनाबाद, गौतमबुद्धा मार्ग और चारबाग।

चारबाग बनेगा 'इंटरचेंज' हब

नया ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर मौजूदा नार्थ-साउथ कॉरिडोर (मुंशीपुलिया से एयरपोर्ट) से चारबाग स्टेशन पर जुड़ेगा। इसका मतलब है कि अगर किसी यात्री को अमीनाबाद से एयरपोर्ट जाना है, तो वह चारबाग स्टेशन पर मेट्रो बदलकर अपनी यात्रा पूरी कर सकेगा। इसी तरह एयरपोर्ट से आने वाले यात्री चारबाग पर ट्रेन बदलकर पुराने लखनऊ के इलाकों तक पहुंच सकेंगे।